मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोभा में बैगा आदिवासी समुदाय के एक व्यक्ति के साथ वनकर्मी द्वारा की गई कथित मारपीट का मामला अब प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्योंकि पीड़ित का हाथ टूटने और आरोपी वनकर्मी के नशे में धुत होकर पुलिस चौकी पहुँचने के वीडियो ने ग्रामीणों में आक्रोश है वहीं पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
सिंगरौली जिले के कोतवाली वैढन थाना अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोभा में श्री लाल बैगा नामक आदिवासी युवक के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, श्री लाल बैगा जंगल की जमीन पर खेती कर अपना जीवन यापन करता था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर वनकर्मी सुनील कुमार बुनकर ने युवक को बंधक बनाकर और उसकी बेरहमी से पिटाई की। इस मारपीट में पीड़ित श्री लाल बैगा का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया है और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। शुक्रवार को यह मामला तब और गरमा गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पुलिस चौकी पहुँच गए।
नशे में धुत होकर चौकी पहुँचा आरोपी, वीडियो वायरल
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब आरोपी वनकर्मी सुनील कुमार बुनकर कथित रूप से शराब के नशे में गोभा पुलिस चौकी पहुँच गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उसकी स्थिति का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वनकर्मी की शारीरिक स्थिति और व्यवहार को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के विरोध में ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं और जिला पंचायत सदस्यों ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग को लेकर चौकी का घेराव किया।
न्याय की प्रतीक्षा में गोभा के ग्रामीण
बता दें कि यह पूरा मामला एक बार फिर आदिवासी सुरक्षा और वन विभाग के कर्मचारियों के रवैये पर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण बना हुआ है और ग्रामीण आरोपी वनकर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने किया ट्वीट
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा है कि सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोभा में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक आदिवासी युवक को कमरे में बंद कर मारपीट की गई और उसका हाथ तोड़ दिया गया। लेकिन मोहन सरकार में अभी तक FIR भी दर्ज नहीं हुई है। @DrMohanYadav51 जी, क्यों हमारे आदिवासी भाइयों को न्याय के लिए इंतज़ार करना पड़ रहा है। क्या आपकी पुलिस और प्रशासन एक FIR तक दर्ज नहीं कर सकता। दुखद है कि आपकी भाजपा सरकार में आदिवासी पीड़ितों के साथ अन्याय और अत्याचार जारी हैं।
https://x.com/jitupatwari/status/2001878189812126107
कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ित से की बातचीत
कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट में लिखा है कि ग्राम पंचायत गोभा, सिंगरौली में श्री लाल जी बैगा के साथ वन विभाग कर्मचारी सुशील बुनकर द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई—हाथ टूट गया, कई जगह गंभीर चोटें आईं। पीड़ित को वन चौकी ले जाकर बंद कमरे में पीटा गया। यह घटना दर्शाती है कि भाजपा सरकार में आदिवासियों का शोषण लगातार जारी है। जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से मांग है कि सभी दोषी वन चौकी कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाये।
https://x.com/umangsinghar/status/2001607848992932215?s=12
पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने ट्वीट किया जिसमें लिखा है कि मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोमा में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक आदिवासी युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। युवक का हाथ टूट गया है और परिवार न्याय के लिए भटक रहा है, लेकिन अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। क्या भाजपा राज में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार की एफआईआर भी दर्ज नहीं होगी? यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के प्रति सरकार की असंवेदनशील सोच को उजागर करता है। भाजपा सरकार बताए कि कानून सबके लिए समान है या आदिवासियों के लिए अलग। मेरी सरकार और प्रशासन से माँग है कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोमा में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक आदिवासी युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है।
युवक का हाथ टूट गया है और परिवार न्याय के लिए भटक रहा है, लेकिन अब तक एफआईआर… pic.twitter.com/df5aWpFV5I
— Kamleshwar Patel (@Kamleshwar_INC) December 18, 2025
सिंगरौली जिले की गोभा पंचायत के श्री लाल जी बैगा को वन विभाग के कर्मचारियों ने बेरहमी से पीटा, इतनी बर्बरता कि उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, FIR तक दर्ज नहीं हो रही है क्योंकि मारपीट करने वाले ही वर्दी वाले थे.
यही है भाजपा सरकार में… pic.twitter.com/v60q5MAd1T
— Dr.Vikrant Bhuria (@VikrantBhuria) December 19, 2025








