MP Chhatarpur Jail Viral Video: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की जेल से एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के भीतर कैदियों से अवैध वसूली और प्रतिबंधित सामग्री जैसे गुटखा-बीड़ी को ऊंचे दामों पर बेचने का मामला उजागर हुआ है। वायरल वीडियो में जेल प्रहरी वर्दी पहनकर ही कैदियों से रुपयों का लेनदेन करते नजर आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
छतरपुर जिला जेल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में जेल के भीतर का नजारा साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जेल के अंदर बंद कैदियों को 5 रुपये वाला गुटखा और बीड़ी का बंडल 200 से 250 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इस “काले कारोबार” को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि जेल की सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी ही बताए जा रहे हैं। वीडियो में प्रहरी कैदियों से पैसे लेते और सामान मुहैया कराते हुए साफ देखे जा सकते हैं।
वायरल वीडियो की मुख्य बातें:
- कैदियों से उनकी बुनियादी जरूरतों और प्रतिबंधित सामान के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है।
- ड्यूटी पर तैनात प्रहरी कैमरे में कैद हुए हैं, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
- जेल के बाहर जो सामान चंद रुपयों का मिलता है, उसकी कीमत जेल के अंदर 50 गुना तक बढ़ जाती है।
जेल प्रशासन में मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होने के बाद जेल मुख्यालय और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश की किसी जेल से इस तरह की शिकायत आई हो, लेकिन वीडियो साक्ष्य के तौर पर सामने आने से विभाग की काफी किरकिरी हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर उठते सवाल
जेल को सुधार गृह कहा जाता है, लेकिन छतरपुर जेल से आई इस खबर ने “सुधार” की दावों की पोल खोल दी है।
- आखिर जेल में कैसे पहुंचता है सामान?
- क्या गेट पर होने वाली सघन तलाशी सिर्फ दिखावा है?
- बिना सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत के प्रतिबंधित सामग्री का अंदर जाना नामुमकिन है।
- आर्थिक रूप से कमजोर कैदियों के लिए जेल के अंदर का जीवन इस वसूली के कारण और भी कठिन हो जाता है।
पहले भी विवादों में रही हैं मध्य प्रदेश की जेलें
मध्य प्रदेश की जेलों से मोबाइल मिलने, नशीले पदार्थों की तस्करी और वीआईपी ट्रीटमेंट की खबरें अक्सर आती रहती हैं। छतरपुर की यह घटना बताती है कि तकनीक और सीसीटीवी कैमरों के बावजूद भ्रष्टाचार के रास्ते खोज लिए जाते हैं। यह वीडियो सिस्टम की पारदर्शिता पर एक बड़ा काला धब्बा है। इस मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरना काफी नहीं होगा, बल्कि जेल के भीतर चल रहे इस पूरे सिंडिकेट को खत्म करने की जरूरत है।
अब देखना यह होगा कि जेल विभाग इस पर क्या ठोस कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नोट:- वीडियो छतरपुर जेल का है हालांकि khabarmandi इस वीडियो में लगाए गए किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं करता है।








