सिंगरौली। एनसीएल (NCL) जयंत परियोजना के अंतर्गत संचालित नेहरू शताब्दी चिकित्सालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल में इलाज में देरी और डॉक्टरों की कथित लापरवाही के चलते 58 वर्षीय रामकृष्ण विश्वकर्मा की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि यदि डॉक्टर समय पर सक्रिय होते, तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
आपातकालीन वार्ड में ‘लापरवाही’ का आरोप
- मृतक रामकृष्ण विश्वकर्मा एनसीएल जयंत परियोजना में कार्यरत थे। रविवार (या घटना का दिन) को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया था।
- मरीज को इमरजेंसी वार्ड में लाने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई भी डॉक्टर या अटेंडेंट इलाज के लिए आगे नहीं आया।
- परिजनों का कहना है कि वे बार-बार डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे, लेकिन स्टाफ की संवेदनहीनता के कारण इलाज शुरू होने में देरी हुई और मरीज ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में नेताओं और यूनियनों का जमावड़ा
घटना की खबर फैलते ही मृतक की बहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि और मजदूर यूनियन के पदाधिकारी अस्पताल पहुंच गए।
परिजनों का हंगामा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों को भी मुस्तैद होना पड़ा। स्थानीय नेताओं का कहना है कि एनसीएल के इस मुख्य अस्पताल में सुविधाएं होने के बावजूद प्रबंधन का रवैया मजदूरों के प्रति उपेक्षापूर्ण रहता है।
प्रबंधन का पक्ष: “हार्ट अटैक था कारण”
हंगामे के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अपनी सफाई पेश की है। प्रबंधन के अनुसार मरीज को गंभीर स्थिति में लाया गया था और उन्हें हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) आया था।डॉक्टरों की टीम ने प्रोटोकॉल के तहत जीवन रक्षक प्रयास किए, लेकिन मरीज की स्थिति काफी नाजुक थी। इलाज में देरी के आरोपों को प्रबंधन ने निराधार बताते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों से पूरी कोशिश की गई थी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्र सिंगरौली की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एनसीएल कर्मियों के लिए ‘लाइफलाइन’ माने जाने वाले इस अस्पताल में अक्सर डॉक्टरों की कमी और इमरजेंसी हैंडलिंग को लेकर शिकायतें आती रहती हैं। ग्रामीणों और परिजनों ने अब इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के निलंबन की मांग की है।








