MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों ने शासन-प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख के बाद इंदौर नगर निगम (IMC) में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। नगर निगम के अपर आयुक्त को हटाने के साथ ही सरकार ने तीन नए तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त (Additional Commissioner) के पद पर तैनात किया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चार अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है इनमें से तीन अधिकारियों को इंदौर नगर निगम की व्यवस्था सुधारने के लिए मैदान में उतारा गया है, जबकि एक अधिकारी को कृषि विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है.
किस IAS को कहां मिली नई जिम्मेदारी?
रोहित सिसोनिया ( बैच 2017)
अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इंदौर से उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
आकाश सिंह (बैच 2019)
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, खरगोन से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इंदौर
प्रखर सिंह (बैच 2020)
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अलीराजपुर से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इंदौर
आशीष कुमार पाठक (बैच 2020)
उप परिवहन आयुक्त, इंदौर से अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इंदौर

सरकार ने शुक्रवार देर रात नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटा दिया है सामान्य प्रशासन विभाग ने नए आदेश जारी कर दिए है। अब उन्हें आनन फ़नन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उपसचिव बना दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नलों से दूषित पानी की आपूर्ति हुई। जिससे 12 लोगों की मौत की खबर आई है, जबकि सरकार ने हाई कोर्ट में पेश अपनी 15 पेज की स्टेटस रिपोर्ट में 4 मौतों और करीब 200 लोगों के बीमार होने की पुष्टि की है। जिनमें 35 मरीज आईसीयू में बताए गए हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य जलापूर्ति लाइन (Main Supply Line) में गंभीर लीकेज था, जिसे अधिकारियों ने समय रहते ठीक नहीं किया।
हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट और मुआवजा
यह पूरा मामला अध्यक्ष एडवोकेट रितेश इनानी की जनहित याचिका के बाद हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में पहुंचा कोर्ट ने 6 जनवरी को अगली तारीख मुकर्रर की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
गाज गिरी: जोनल अधिकारी सस्पेंड, उपयंत्री बर्खास्त
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले पीएचई (PHE) और नगर निगम के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
निलंबन
जोन क्रमांक 4 के जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री (PHE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
बर्खास्तगी
प्रभारी उपयंत्री (PHE) की सेवाएं समाप्त कर उन्हें पद से पृथक कर दिया गया है।
इंदौर जैसे महानगर में दूषित पानी से हुई मौतें नगर निगम की साख पर बड़ा धब्बा हैं। सरकार ने तीन नए आईएएस अधिकारियों को भेजकर यह साफ कर दिया है कि वह इंदौर की जल वितरण व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में आमूल-चूल बदलाव चाहती है। अब देखना यह है कि नई टीम 6 जनवरी की हाई कोर्ट सुनवाई से पहले शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को कितना दुरुस्त कर पाती है।








