सिंगरौली। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मासूम बच्चों की मौत के मामले में दिए गए कथित असंवेदनशील बयान ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। शनिवार को सिंगरौली के अंबेडकर चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मंत्री के बयान को न केवल मानवता का अपमान बताया, बल्कि इसे मीडिया की गरिमा पर भी हमला करार दिया।
“मंत्री की संवेदनशीलता मर चुकी है”— कांग्रेस
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान और युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिसोदिया ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री का मासूमों की मौत जैसे संवेदनशील विषय पर मजाक उड़ाना या अशोभनीय टिप्पणी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
- बच्चों की मौत के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस कदम उठाए जाएं।
- लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया के प्रति अभद्र व्यवहार बंद हो।
मीडिया के अपमान पर भी जताया कड़ा विरोध
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंत्री विजयवर्गीय ने न केवल बच्चों की मौत पर विवादित टिप्पणी की, बल्कि सवाल पूछने वाले मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।
प्रदर्शन में ये नेता रहे शामिल
अंबेडकर चौक पर हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न विंग्स के पदाधिकारी और निर्वाचित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से जिला कांग्रेस सेवादल सिंगरौली के अध्यक्ष रूपेश चन्द्र पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और मंडलम-सेक्टर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, इंदौर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में हुई बच्चों की दुखद मौतों के बाद जब मीडिया ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किए, तो उनके द्वारा दिए गए जवाब को कांग्रेस ने ‘असंवेदनशील’ और ‘अहंकारी’ बताया है। इसी के विरोध में प्रदेश व्यापी प्रदर्शन के तहत सिंगरौली में भी आज यह आक्रोश फूटा।








