सिंगरौली (मोरवा)। मोरवा में बीते 26 दिसंबर को हुई मारपीट की घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।सत्यनारायण वैश्य और भा.ज.पा मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह कुरुवंशी व उनके साथियों के साथ हुई मारपीट के मामले में विशेष समुदाय द्वारा प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगरौली पुलिस अधीक्षक ने केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए नवानगर निरीक्षक को मामले की जिम्मेदारी सौंप दी है।
सुलह के बाद फिर क्यों भड़की चिंगारी?
मोरवा स्थित सामुदायिक भवन में आज इस मामले को लेकर जिले के सर्व समाज की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य घटना की वस्तु स्थिति को सभी के सामने लाना था। इस दौरान सभी ने विनोद सिंह कुरुवंशी के पक्ष में अपनी बात रखी और यह स्पष्ट किया कि मारपीट के बाद मोरवा थाना में सुलह समझौता हो गया था और मामले को खत्म कर दिया गया था।
निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक में यह भी कहा गया कि कुछ लोग इस घटना को राजनीतिक फायदे के लिए जातिगत संघर्ष और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। सभी ने सिंगरौली पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताया और घटना के वास्तविक तथ्य सामने लाने की बात की।
पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
सर्व समाज ने अगले सोमवार को सिंगरौली पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है, जिसमें दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की जाएगी।
“दोनों तरफ से हुई थी मारपीट, एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं”— शेखर सिंह
शेखर सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना दोनों पक्षों द्वारा की गई थी, और अगर दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, तो सर्व समाज को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।








