सिंगरौली। इंदौर में हाल ही में हुई दूषित जल त्रासदी से सबक लेते हुए सिंगरौली नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने शहरवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘पेयजल प्रदूषण की रोकथाम हेतु वार्डवार दल गठित किए हैं और 24 घंटे कार्यरत कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके तहत अब शहर में जल स्रोतों से लेकर उपभोक्ता के नलों तक पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच अनिवार्य कर दी गई है।
H2S टेस्ट किट से होगी पानी की शुद्धता की पहचान
निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) टेस्ट किट का उपयोग किया जाए।
कहाँ होगी जांच
जल स्रोत (Intake Point), जल शोधन संयंत्र (WTP), ओवरहेड टैंक और अंतिम उपभोक्ता स्तर पर।
किन किन क्षेत्रों में
पुरानी बस्तियों, सीवर प्रभावित क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में सैंपलिंग प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं सात ही सभी जांचों का विवरण तिथि और स्थान के साथ कंप्यूटर पर संधारित किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
वार्डवार तैनात किए गए प्रभारी अधिकारी
जलापूर्ति और सीवरेज प्रणाली की 24 घंटे निगरानी के लिए आयुक्त ने अधिकारियों की वार्डवार जिम्मेदारी तय कर दी है। इसके लिए कार्यपालन यंत्री संतोष पाण्डेय को ओवरऑल प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कौन से वार्ड में किस अधिकारी को किया गया तैनात, क्या है जिम्मेदारी
वार्ड 1 से 11: आलोक टीरू, जल प्रदाय एवं सीवरेज नियंत्रण
वार्ड 12 से 27: दिनेश तिवारी, शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना
वार्ड 28,29,30,42 से 45: एस.एन. द्विवेदी, निगरानी और शिकायत निवारण
वार्ड 31 से 41: अभयराज सिंह, तत्काल कंट्रोल रूम संचालन
शिकायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर: 7610107107
नगर निगम ने एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया है। निगमायुक्त ने नगरवासियों से आग्रह किया है कि यदि पेयजल में किसी भी प्रकार का प्रदूषण, गंध या मटमैलापन नजर आता है, तो वे तत्काल मोबाइल नंबर 7610107107 पर सूचना दें।
जनता के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परामर्श
- नगर निगम ने नागरिकों को जागरूक करने के लिए कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- किसी भी संक्रमण से बचने के लिए पानी को उबालकर उपयोग करना सबसे सुरक्षित है।
- खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
- हमेशा ताजा और ढका हुआ खाना ही खाएं।
- यदि उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार के लक्षण दिखें, तो ओ.आर.एस. (ORS) का घोल लें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
लापरवाही पर होगी ‘कठोर’ कार्रवाई
निगमायुक्त सविता प्रधान ने अधिकारियों और मैदानी अमले को चेतावनी दी है कि जलापूर्ति में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि ड्यूटी में कोताही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।








