डिजिटल इंडिया के इस दौर में अगर किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए सड़क न मिले, तो यह विकास के दावों पर बड़ा सवालिया निशान है। अब देखना यह होगा कि मंत्री राधा सिंह और सांसद राजेश मिश्रा इस वायरल वीडियो पर क्या संज्ञान लेते हैं।
सिंगरौली (चितरंगी)। “चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने वाले नेता अब कहाँ हैं?” यह सवाल सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत धवई के छुरदा टोला की महिलाओं ने उठाया है। स्थानीय निवासी काजल शाह और अन्य महिलाओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर क्षेत्र की बदहाल स्थिति को उजागर किया है। उन्होंने सीधे तौर पर क्षेत्रीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और राज्य मंत्री राधा सिंह से जवाब मांगा है।
“गर्भवती महिलाओं को खाट पर ले जाना मजबूरी”
काजल शाह ने वायरल वीडियो में छुरदा टोला के दर्द को बयां करते हुए बताया कि गाँव से मुख्य सड़क की दूरी करीब 2 किलोमीटर है।
स्वास्थ्य संकट
सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस टोले तक नहीं पहुँच पाती। प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिलाओं को खाट (मंझली) पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
जान का जोखिम
खराब रास्तों की वजह से समय पर अस्पताल न पहुँच पाने के कारण कई बार जच्चा-बच्चा की जान पर बन आती है।
“सड़क नहीं तो वोट नहीं” – ग्रामीणों का अल्टीमेटम
महिलाओं ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया में राजनेताओं के दोहरे चरित्र पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नेता घर-घर चक्कर लगाते हैं और हर समस्या के समाधान का वादा करते हैं। सत्ता मिलने के बाद गरीब बस्तियों की मूलभूत समस्याओं (सड़क, बिजली, पानी) की ओर कोई झांकता तक नहीं।
काजल शाह ने वीडियो के माध्यम से नेताओं को चेतावनी दी है कि यदि इस बार सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाले चुनावों में ‘वोट का बहिष्कार’ किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर गरमाया मामला
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे तेजी से शेयर कर रहे हैं और जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक टोले की समस्या नहीं है, बल्कि चितरंगी के कई सुदूर क्षेत्रों की यही हकीकत है।








