मुरैना (पोरसा)। जिले की पोरसा तहसील अंतर्गत थाना सिहोनिया के ग्राम कोल्हुआ से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित किसान की पुश्तैनी भूमि पर दबंगों ने न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि पक्का निर्माण और पानी की टंकी भी खड़ी कर ली है। हैरानी की बात यह है कि अनुविभागीय अधिकारी (SDM) द्वारा अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्थानीय प्रशासन अब तक ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोया हुआ है।
खसरा नंबर 713/2 पर अवैध ‘किला’
पीड़ित पक्ष के अनुसार, उनकी भूमि खसरा नंबर 713/2 (रकबा 0.84 हेक्टेयर) पर क्षेत्र के रसूखदार दबंगों की नजर है।
इस निजी भूमि पर जबरन पक्का मकान और पानी की टंकी का निर्माण कर लिया गया है।
आदेश की अवहेलना
पीड़िता ने जब तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को शिकायत दी, तो जांच के बाद एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी पोरसा तहसील प्रशासन ने धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
“माँगने पर मिल रही है धमकी”
पीड़िता किसान ने अपनी शिकायत में बताया कि वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है।
“एक तरफ मेरी जमीन छिनी जा रही है, और दूसरी तरफ जब मैं प्रशासन से आदेश के पालन की माँग करती/करता हूँ, तो दबंगों द्वारा मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं।”
दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे प्रशासनिक आदेशों को रद्दी का टुकड़ा मानकर बेखौफ निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं।
पोरसा प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
सिहोनिया क्षेत्र में इस मामले को लेकर आक्रोश है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि:
- जब एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दे दिए हैं, तो पोरसा तहसीलदार उसे लागू करने में देरी क्यों कर रहे हैं?
- क्या दबंगों के रसूख के आगे शासन का इकबाल खत्म हो गया है?
- पीड़ित की जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
मुरैना जिला मुख्यालय से लेकर तहसील कार्यालय तक चक्कर काटने के बाद भी पीड़ित को न्याय नहीं मिल रहा है। यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।








