खंडवा (पुनासा)। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। पुनासा कस्बे में शुक्रवार शाम को हथियारबंद बदमाशों ने ‘कृष्णा ज्वेलर्स’ पर धावा बोलकर करीब 2 करोड़ रुपये के आभूषण लूट लिए। वारदात के दौरान बदमाशों ने दुकान मालिक पर जानलेवा हमला किया और दहशत फैलाने के लिए बाजार में हवाई फायरिंग भी की।
शाम 7 बजे ‘फिल्मी अंदाज’ में दी दबिश
घटना नर्मदानगर थाना क्षेत्र के पुनासा कस्बे की है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 7:00 बजे जब संचालक राकेश सोनी दुकान बढ़ाने (बंद करने) की तैयारी कर रहे थे इस दौरान 7 से 8 हथियारबंद बदमाश अचानक दुकान में घुसे। उनके पास लाठी, फरसा और पिस्तौल जैसे घातक हथियार थे।बदमाशों ने राकेश सोनी पर धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और सोने-चांदी की ज्वेलरी से भरे दो बड़े बैग छीन लिए भागते समय बदमाशों ने लोगों को डराने के लिए हवा में गोलियां चलाईं, जिससे पूरे बाजार में भगदड़ मच गई।
व्यवसायी की हालत गंभीर, सनावद रेफर
लूट का विरोध करने पर घायल हुए राकेश सोनी को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल खरगोन जिले के सनावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
डीआईजी का बयान: “यह हमारे लिए खुली चुनौती है”
वारदात की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी मनोज कुमार राय स्वयं रात में ही पुनासा पहुंचे और फिर घायल व्यवसायी से मिलने अस्पताल पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली फिलहाल पुलिस ने 6 से 7 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आसपास के सभी जिलों में नाकाबंदी कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग जुटाए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पुनासा जैसे व्यस्त कस्बे के मुख्य बाजार में हुई इस डकैती ने पुलिस के सुरक्षा घेरे की पोल खोल दी है। पुलिस ने खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर सीमा पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है साथ ही शहर से बाहर जाने वाले रास्तों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों की बाइक या वाहन की पहचान हो सके। इस घटना के बाद खंडवा जिले के व्यापारियों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का भाव है।
पुलिस कब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी
करोड़ों की इस लूट ने निमाड़ अंचल में सक्रिय गैंग्स की ओर इशारा किया है। अब देखना होगा कि खंडवा पुलिस इस ‘चुनौती’ को स्वीकार कर कब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।








