सिंगरौली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद सिंगरौली नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाते हुए नगर निगम क्षेत्र की सभी 26 जल टंकियों के सघन निरीक्षण और सफाई के आदेश जारी किए हैं।
जल गुणवत्ता की ‘थर्ड पार्टी’ जांच: पारदर्शिता पर जोर
आयुक्त के निर्देशानुसार, टंकियों से पानी के नमूने एकत्र किए गए हैं। गुणवत्ता की जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए निगम ने एक अनूठी पहल की है नमूनों का परीक्षण नगर निगम की अपनी प्रयोगशाला के साथ-साथ थर्ड पार्टी (स्वतंत्र) प्रयोगशालाओं में भी कराया जा रहा है इससे जल की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी और नागरिकों को शुद्ध जल की गारंटी मिल सकेगी।
7 दिनों का अल्टीमेटम: सफाई और रिपोर्ट अनिवार्य
निरीक्षण के बाद आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने संबंधित अधिकारियों और फील्ड अमले को कड़े निर्देश दिए हैं:
- अगले 7 दिनों के भीतर सभी 26 जल टंकियों की गहराई से सफाई सुनिश्चित की जाए।
- सफाई कार्य पूरा होने के बाद इसकी विस्तृत फोटोयुक्त रिपोर्ट सीधे आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
- जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में पानी का प्रतिदिन 3 बार परीक्षण कराया जा रहा है।
“नागरिकों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता” — आयुक्त
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलजनित बीमारियों से शहरवासियों को सुरक्षित रखना निगम का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल टंकियों की समयबद्ध सफाई और गुणवत्ता की नियमित जांच से हम आमजन के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।”
सिंगरौली नगर निगम की यह सक्रियता सराहनीय है। टंकियों की नियमित सफाई और बाहरी लैब से जांच कराने के फैसले से शहर के 26 क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह कदम भविष्य में दूषित पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।








