झुरही की यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन का संकेत है। यदि समय रहते वन्यजीवों के आवास और उनकी सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो जिले की जैव-विविधता खतरे में पड़ सकती है।
सिंगरौली। जिले के झुरही वन परिक्षेत्र में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक वन्यप्राणी चीतल की जान चली गई। तेज रफ़्तार बाइक की टक्कर लगने से चीतल ने सड़क किनारे ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़कों पर वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क किनारे मिला शव, मची खलबली
रविवार दोपहर जब स्थानीय ग्रामीण सड़क से गुजर रहे थे, तब उन्होंने झाड़ियों के पास एक चीतल को मृत अवस्था में देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।
शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चीतल सड़क पार कर रहा था, तभी एक तेज रफ़्तार मोटरसाइकिल ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
डीएफओ अखिल बंशल का बयान देते हुए कहा कि चीतल की मौत बाइक की टक्कर से हुई है। उन्होंने बताया कि अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। विभाग ने शव को कब्जे में लेकर Post-mortem के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
क्यों सड़कों पर आ रहे हैं वन्यजीव?
वन्यजीव विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि जंगलों में बढ़ती कटाई और अतिक्रमण के कारण जंगली जानवरों के प्राकृतिक गलियारे (Corridors) प्रभावित हो रहे हैं। वहीं जंगलों के सिकुड़ने से भोजन और पानी की तलाश में जानवर रिहायशी इलाकों और सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं। जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़कों पर वाहनों की गति सीमा का पालन न होना इन बेजुबानों के लिए काल बन रहा है। मानवीय दखल बढ़ने से वन्यजीवों का शांत वातावरण भंग हो रहा है, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वन क्षेत्रों से गुजरते समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। अज्ञात बाइक सवार के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।








