सिंगरौली (सरई)। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए रीवा लोकायुक्त पुलिस ने सिंगरौली जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सरई तहसील के खनुआ सर्किल में पदस्थ राजस्व विभाग के बाबू (लिपिक) लखपति सिंह को लोकायुक्त की टीम ने ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई जमीन के नामांतरण कार्य के बदले की जा रही अवैध वसूली की शिकायत पर हुई।
₹3,000 के लिए फंसा ‘लखपति’
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित रामनारायण शाह अपनी जमीन का नामांतरण कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोपी बाबू लखपति सिंह ने कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय रीवा में दर्ज कराई।
लोकायुक्त पुलिस ने पहले शिकायत की पुष्टि के लिए रिकॉर्डिंग और अन्य माध्यमों से गोपनीय जांच की, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का तथ्य सही पाया गया।
लोकायुक्त का जाल और सरप्राइज रेड
सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से लोकायुक्त की टीम सरई तहसील पहुंची। जैसे ही शिकायतकर्ता रामनारायण ने बाबू को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से घेराबंदी कर खड़ी लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद जैसे ही पुलिस ने आरोपी के हाथ धुलवाए, विशेष केमिकल के संपर्क में आते ही पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का वैज्ञानिक प्रमाण है।
तहसील कार्यालय में अचानक हुई इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी लखपति सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी मुहिम निरंतर जारी रहेगी। सरकारी कार्यों के बदले पैसे मांगना अपराध है और ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” — लोकायुक्त अधिकारी
सिंगरौली में हाल के दिनों में राजस्व अमले पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि छोटे स्तर पर होने वाली रिश्वतखोरी पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या आरोपी बाबू ने अन्य फाइलों को भी इसी तरह रोक रखा था।








