मुरैना (बागचीनी)। बागचीनी क्षेत्र में चौखट्टा से नंदपुरा नहर तक चल रहा सड़क निर्माण कार्य विवादों के घेरे में आ गया है। निर्माण में लगे वाहनों की मनमानी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने न केवल इस लापरवाही का विरोध किया है, बल्कि साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी जारी किए हैं।
बिना नंबर के वाहन: हादसे की स्थिति में कौन होगा जिम्मेदार?
सड़क निर्माण में लगे दर्जनों वाहन, जिनमें मिट्टी ढोने वाले डंपर और कंक्रीट मिक्सर मशीनें शामिल हैं, बिना किसी रजिस्ट्रेशन नंबर के धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि इन वाहनों पर न तो आगे नंबर प्लेट है और न ही पीछे। इस वायरल वीडियो की खबरमंडी पुष्टि नहीं करता है।
ग्रामीणों की आशंका
- यदि इन बिना नंबर वाले वाहनों से कोई अप्रिय घटना या सड़क हादसा होता है, तो उनकी पहचान कैसे होगी?
- बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के कमर्शियल वाहनों का सड़कों पर दौड़ना मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन है।
- आखिर पुलिस और आरटीओ (RTO) विभाग की नजर इन “अदृश्य” नंबर वाले वाहनों पर क्यों नहीं पड़ रही?
घटिया निर्माण: बीहड़ की मिट्टी से ‘खोखले’ किए जा रहे सोल्डर
सड़क की मजबूती के लिए उसके किनारों (सोल्डर) को ठोस और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से बनाना अनिवार्य होता है, ताकि बारिश या दबाव में सड़क न धंसे। लेकिन यहाँ ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर बीहड़ की पीली मिट्टी का उपयोग कर रहा है।
तकनीकी खामियां
मिट्टी का कटाव
बीहड़ की मिट्टी बेहद भुरभुरी होती है, जिसका कटाव बहुत तेजी से होता है।
अभी से टूटने लगी सड़क
ग्रामीणों ने कहा है कि सोल्डर अभी से कई जगहों से कटने लगे हैं, जिससे पहली बारिश में ही सड़क के उखड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
ठेकेदार की मनमानी
मानकों को नजरअंदाज कर लाभ कमाने के चक्कर में बीहड़ की घटिया मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग पर हो रहे इस निर्माण कार्य और सरेआम दौड़ रहे अवैध वाहनों पर न तो स्थानीय पुलिस का ध्यान है और न ही प्रशासन का। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की संभावना जताई, लेकिन ठेकेदार अपनी रसूख के दम पर मनमाना काम जारी रखे हुए है।
“सड़क हमारी सुविधा के लिए बन रही है, लेकिन घटिया सामग्री और बिना नंबर के डंपरों ने इसे जानलेवा बना दिया है। अगर कोई हादसा हुआ तो क्या पुलिस हवा में नंबर खोजेगी?” — स्थानीय ग्रामीण
चौखट्टा-नंदपुरा नहर मार्ग का निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता दिख रहा है। बिना नंबर के वाहनों का संचालन और बीहड़ की मिट्टी का प्रयोग न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।








