शिवपुरी। मध्य प्रदेश के ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना के नए स्वरूप और नाम परिवर्तन को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल एक परिवार तक सीमित है, जबकि सरकार का लक्ष्य अब ‘वास्तविक सुधार’ और पारदर्शिता है।
मनरेगा का नया अवतार: अब मिलेगा 125 दिन का काम
प्रभारी मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर अब “VB-G Ram G Yojana” कर दिया है। उन्होंने इस बदलाव के पीछे के तकनीकी और सुधारात्मक कारणों को साझा किया:
रोजगार के दिनों में वृद्धि
पहले मजदूरों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है।
बजट शेयरिंग
योजना के खर्च का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार वहन करेगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम
अब मजदूरों की हाजिरी मशीनों (डिजिटल) के माध्यम से होगी। यदि भुगतान में देरी हुई, तो सरकार पर पेनाल्टी का प्रावधान भी रखा गया है।
स्मार्ट मीटर और बिजली दरों पर ‘चुप्पी’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों को लेकर सवाल किए, तो ऊर्जा मंत्री कुछ असहज दिखाई दिए। फिर मंत्री ने स्वीकार किया कि स्मार्ट मीटर का खर्च अब उपभोक्ताओं से किश्तों में लिया जाएगा। गौरतलब है कि पहले इन्हें निशुल्क लगाने की चर्चा थी।
बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के सवाल पर मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे उपभोक्ताओं के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है।
नगर पालिका का ‘नाइट इंस्पेक्शन’ और विकास के दावे
शिवपुरी नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर मंत्री तोमर ने कहा कि पूर्व की तुलना में अब कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि सड़कों के निर्माण कार्यों में तेजी आई है साथ ही उन्होंने एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए कहा कि उन्होंने रात के समय शहर के 20 घरों में जाकर फीडबैक लिया, जहां लोगों ने साफ-सफाई और सड़क निर्माण की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि शहर की तस्वीर पहले से काफी बेहतर हुई है।
मंच पर थे यह उपस्थिति
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री का यह दौरा जहां केंद्र की नई योजना के प्रचार-प्रसार पर केंद्रित रहा, वहीं स्मार्ट मीटर के खर्च को उपभोक्ताओं पर डालने की बात ने नई बहस छेड़ दी है। ‘VB-G Ram G Yojana’ के माध्यम से भाजपा अब ग्रामीण क्षेत्रों में नए सिरे से अपनी पैठ बनाने की कोशिश में है।








