मुरैना। चंबल नदी से होने वाले रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। देवगढ़ क्षेत्र में माफियाओं द्वारा बनाए गए गुप्त रास्तों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से रेत तस्करों में हड़कंप मच गया है।
बुलडोजर से बंद किए अवैध मार्ग
गेमरेंज देवरी की टीम ने अधीक्षक श्यामसिंह चौहान और गेम रेंजर रिंकी आर्य के नेतृत्व में देवगढ़ के दुर्गम इलाकों में दबिश दी। माफिया अक्सर चंबल घाट तक पहुँचने के लिए कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
टीम ने गुढ़ा चंबल, साबदा और डांग बसई के उन रास्तों को बुलडोजर से खुदवा दिया, जिनका उपयोग रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालने के लिए किया जाता था।
गश्त के दौरान कई स्थानों पर रेत के अवैध स्टॉक (डंप) मिले। विभाग ने इस रेत को जप्त करने के बजाय उसे मौके पर ही मिट्टी में मिला दिया, ताकि वह दोबारा उपयोग के लायक न रहे।
माफिया के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश
अधीक्षक श्यामसिंह चौहान ने बताया कि माफिया अक्सर रातों-रात इन रास्तों को तैयार कर लेते हैं। इन रास्तों को गहरा खुदवाने का उद्देश्य यह है कि रेत से लदे भारी वाहन वहां से न गुजर सकें।
“अवैध उत्खनन को शून्य स्तर पर लाने के लिए हमारी टीम लगातार गश्त कर रही है। रास्तों को खोदना हमारी रणनीति का हिस्सा है ताकि माफियाओं का परिवहन नेटवर्क टूट सके।”
— वन विभाग अधिकारी
कार्रवाई से माफियाओं में खौफ
वन विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई के दौरान माफिया और उनके गुर्गे मौके से भाग खड़े हुए। डांग बसई और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की इस सक्रियता की चर्चा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चंबल किनारे की निगरानी अब और सख्त की जाएगी।








