भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। रिंग रोड परियोजना के तहत बन रहे ओवरब्रिज का एक विशालकाय गार्डर मंगलवार शाम अचानक ताश के पत्तों की तरह टूटकर नीचे गिर गया। इस हादसे ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे मटेरियल और गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, वरना एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
कैसे हुआ हादसा
हादसा देहात थाना क्षेत्र के धरई गांव के पास रिंग रोड पर हुआ।
अचानक टूटा गार्डर
एसकेएस (SKS) कंपनी द्वारा पुल के पिलरों पर भारी गार्डर रखने का काम किया जा रहा था। तभी अचानक एक गार्डर बीच से दो हिस्सों में टूट गया और नीचे गिर गया।
मजदूरों को आईं चोटें
हादसे के वक्त वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं। अगर वे गार्डर के ठीक नीचे होते, तो उनकी जान बचना नामुमकिन था। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया।
घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की गूंज
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने निर्माणकर्ता कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है और मानकों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
एसकेएस कंपनी पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा और गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्ट्रक्चर में सही मजबूती होती, तो लोहे और कंक्रीट का गार्डर ऐसे बीच से कभी नहीं टूट सकता था।
प्रशासनिक चुप्पी और कंपनी की ‘आंतरिक जांच’
हादसे के बाद कंपनी के इंजीनियरों और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मलबे को ढकने और स्थिति को संभालने की कोशिश की। कंपनी का कहना है कि वह इसकी ‘आंतरिक जांच’ कराएगी।
क्या एक कंपनी की आंतरिक जांच निष्पक्ष हो सकती है?
प्रशासनिक एक्शन
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि कलेक्टर और उच्च स्तरीय तकनीकी टीम इस पूरे रिंग रोड प्रोजेक्ट की जांच करे, ताकि भविष्य में पुल शुरू होने के बाद कोई बड़ा हादसा न हो।
क्या दोषियों पर होगी FIR?
यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई, तो यह ओवरब्रिज भिंड के लोगों के लिए ‘सुविधा’ कम और ‘खतरा’ ज्यादा साबित होगा। प्रशासन को चाहिए कि वह कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी ऑडिट (Third-party audit) कराई जाए।








