शिवपुरी (कोलारस)। कोलारस कस्बे में करीब छह महीने पहले हुई सनसनीखेज डकैती का शिवपुरी पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने जमीन के नीचे गड्ढों में दबाकर रखी गई 46 किलो चांदी बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी को मामा-भांजे की जोड़ी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
200 सीसीटीवी और 100 संदिग्ध: ऐसे बुना पुलिस ने जाल
26-27 जुलाई की दरमियानी रात कोलारस के सदर बाजार में हुई इस चोरी ने पुलिस की साख दांव पर लगा दी थी।
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने एएसपी संजीव मुले और एसडीओपी संजय मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाईं पुलिस ने शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और भिंड तक जाल बिछाया। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 100 से अधिक अपराधियों से कड़ी पूछताछ की गई।
दाम बढ़ने का कर रहे थे इंतजार, लालच ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। उन्होंने पूरी चांदी को अलग-अलग गांवों में जमीन के अंदर गाड़ दिया था।
आरोपी चांदी के दाम बढ़ने का इंतजार कर रहे थे ताकि उसे महंगे दामों पर बेच सकें।
20 जनवरी को मुख्य आरोपी अमन रावत पैसों की तंगी के कारण कुछ चांदी बेचने निकला था। साइबर सेल और मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जमीन चीरकर निकला ‘खजाना’
अमन और उसके साथी अभिषेक रावत की निशानदेही पर पुलिस ने दो स्थानों पर खुदाई की:
खोंकर गांव
यहां ठाकुर बाबा के चबूतरे के पास जमीन खोदकर चांदी की सिल्लियां और जेवर निकाले गए।
अभिषेक का गांव
यहां भी जमीन में छिपाकर रखा गया माल बरामद हुआ।
पुलिस ने कुल 46 किलो चांदी और सोने के कुछ आभूषण बरामद किए हैं।

फरार आरोपियों की तलाश जारी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह वारदात चार लोगों ने मिलकर की थी। फिलहाल अमन और अभिषेक पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि उनके दो अन्य साथी (जिनमें से एक मामा बताया जा रहा है) अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।








