100 की क्षमता, 134 लगभग गायों का रिकॉर्ड… धर्मपुरी गौशाला में 6 शव और 10 कंकाल मिलने से हड़कंप
। चर्चा न्यूज़
खंडवा धर्मपुरी स्थित नंद मोहन समिति द्वारा संचालित गौशाला एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 100 गायों की क्षमता वाली इस गौशाला में 134 लगभग गायों का रिकॉर्ड सामने आया है। मौके पर 6 गायों के शव और 10 के कंकाल मिलने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने से लगातार गायों की मौत हो रही थी, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी थीं।
ग्रामीणों ने जब हालात बिगड़ते देखे तो वीडियो बनाकर मामला उजागर किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गौशाला के गेट पर ही एक गाय मृत अवस्था में पड़ी थी, जिसका पेट फटा हुआ था और कोई उसे उठाने वाला तक नहीं था। वीडियो वायरल होने के बाद जावर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाया। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने भी निरीक्षण कर बीमार गायों और अव्यवस्थाओं की जानकारी एकत्र की।
एक महीने से मौतों का सिलसिला
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला से कुछ दूरी पर गायों के शव और कंकाल खुले में पड़े मिले। बदबू और सड़ांध के बीच कई मवेशी अंतिम सांस लेते दिखाई दिए। आरोप है कि मामला दबाने के लिए कुछ गायों को चरने के नाम पर दूर भेज दिया गया था, ताकि असलियत सामने न आए।
6 माह में 9.93 लाख का अनुदान
जून 2025 से गौशाला संचालन के लिए शासन से 9 लाख 93 हजार 600 रुपये का अनुदान जारी हुआ। प्रति गाय 40 रुपये प्रतिदिन चारे के लिए दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके, गायों को सूखा भूसा खिलाने और पर्याप्त देखभाल न होने के आरोप लग रहे हैं। जिले में कुल 26 गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें 4144 गौवंश दर्ज हैं।

जिम्मेदारों के बयान
गौशाला संचालक का कहना है कि गायों की मृत्यु की सूचना ऑनलाइन ऐप के माध्यम से दी जाती रही है और शासन के अनुदान से ही संचालन किया जा रहा है। वहीं पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक ने जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपने और आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
सवाल कई, जवाब कौन देगा?
जब 100 की क्षमता में 138 गायें रखी जाएंगी, संसाधन सीमित होंगे और निगरानी ढीली होगी तो परिणाम क्या होगा—यह तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं। गौसेवा के नाम पर मिल रहे लाखों रुपये के बावजूद यदि गायें भूख और लापरवाही से दम तोड़ रही हैं, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
अब देखना यह है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर फाइलों में दफन हो जाएगा।
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