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तीन आईएएस की कमान में महाशिवरात्रि पर जमीनी सख्ती और डिजिटल चौकसी का संगम

देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था का विराट महासंगम है। हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पारंपरिक व्यवस्थाओं से आगे बढ़कर मैनेजमेंट, सिस्टम और टेक्नोलॉजी का समन्वित मॉडल लागू किया है।
खंडवा।
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में है। खंडवा कलेक्टर आईएएस ऋषव गुप्ता ने पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार राय के साथ ओंकारेश्वर पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की गहन समीक्षा की।
इस बार व्यवस्थाओं की खास बात यह है कि तीन आईएएस अधिकारियों की ‘त्रिशक्ति’ सीधे मॉनिटरिंग कर रही है—कलेक्टर ऋषव गुप्ता मैनेजमेंट गुरु की भूमिका में संपूर्ण समन्वय संभाल रहे हैं, अपर कलेक्टर आईएएस सृष्टि देशमुख सिस्टम गुरु के रूप में विभागीय तालमेल और क्रियान्वयन देख रही हैं, जबकि पुनासा एसडीएम (आईएएस) पंकज वर्मा टेक्नोलॉजी गुरु की भूमिका में डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड नियंत्रण को मजबूत कर रहे हैं।
जल, थल और गगन से निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में जल, थल और गगन—तीनों स्तरों से निगरानी की जाएगी।
जल स्तर पर नर्मदा घाटों पर प्रशिक्षित तैराक, गोताखोर, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी।
थल स्तर पर पुलिस बल, बैरिकेडिंग, भीड़ प्रबंधन दल और आपदा प्रबंधन दस्ता सक्रिय रहेगा।
गगन स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम से लाइव फीड और तकनीकी निगरानी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने चर्चा में बताया कि महाशिवरात्रि को देखते हुए आपदा के समय उपयोग में आने वाला विशेष दस्ता भी घाटों पर तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यवस्थाओं को डिजिटल और मैदानी दोनों स्तरों पर निगरानी में रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।”
जमीनी सख्ती और डिजिटल चौकसी का संगम
इस बार केवल पारंपरिक इंतजामों पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। कंट्रोल रूम से सतत मॉनिटरिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, समन्वित सूचना तंत्र और तकनीकी सहयोग से भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन की ‘तीसरी नजर’ लगातार सक्रिय रहेगी, जिससे छोटी से छोटी गतिविधि पर भी ध्यान रखा जा सके।
पार्किंग, ट्रैफिक और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
भारी भीड़ को देखते हुए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग और स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। घाटों और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। रात्रिकालीन दर्शन को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है।
स्पष्ट संदेश: श्रद्धा के साथ अनुशासन
तीन आईएएस अधिकारियों की यह सक्रिय भागीदारी संकेत दे रही है कि इस बार ओंकारेश्वर में व्यवस्थाएं केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन और तकनीक दोनों के माध्यम से सख्ती से लागू होंगी।
प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—आस्था के इस महापर्व पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध दर्शन का अनुभव मिले। महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर में इस बार श्रद्धा के साथ प्रशासनिक अनुशासन और तकनीकी दक्षता भी पूरी मजबूती से दिखाई








