“स्वराज की ज्योति जो जन-जन में प्रज्वलित कर गए,
शिवबा पराक्रम से भारत का मस्तक ऊँचा कर गए।”

“रणभेरी की गूंज थे, सिंह गर्जना का मान थे,
शिवबा के वार में ही दुश्मनों के प्राण थे।
स्वराज अपना हो, पर सबको साथ लेकर चले,
धर्म, न्याय, समता से जन-जन के दिलों में पले।”
खबर मंडी /खंडवा
खंडवा। हिंदवी स्वराज के प्रणेता और मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर खंडवा नगर जय शिवाजी–जय भवानी के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। टपालचाल चौराहे पर स्थापित होने जा रही घोड़े पर सवार 12 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा के आगमन पर विशाल चल समारोह निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु, समाजजन एवं युवा शामिल हुए।
जयपुर से तैयार होकर आई लगभग 9 टन वजनी यह प्रतिमा एक दिन पूर्व खंडवा पहुंची थी। समाजसेवी रितेश गोयल के बालाजी धाम में प्रतिमा को विधिवत रखा गया, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। आज प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार एवं संपूर्ण रीति-रिवाजों के साथ पूजन संपन्न हुआ, जिसके उपरांत भव्य चल समारोह के माध्यम से प्रतिमा को टपालचाल चौराहे तक लाया गया।
शोभायात्रा सूत मिल इंदौर रोड से प्रारंभ होकर पडावा, टाउन हॉल, घंटाघर और मुंबई बाजार होते हुए टपालचाल पहुंची। यात्रा में डीजे, बैंड-बाजे, ढोल-ताशे, भजन मंडलियां, संतगण तथा घोड़े पर सवार शिवाजी महाराज एवं महारानी लक्ष्मीबाई की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। मार्ग में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
टपालचाल पहुंचने पर धर्मसभा एवं मंचीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें शिवाजी महाराज की महाआरती की गई। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी संपन्न हुआ।

प्रतिमा स्थापना समिति के अध्यक्ष मनोज सांवले एवं सुनील बावले ने बताया कि समाजजनों ने मात्र 100 रुपये से सहयोग राशि एकत्रित कर इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। चार वर्षों के सतत प्रयास और युवाओं के संकल्प से यह स्वप्न साकार हुआ है। यह खंडवा नगर की पहली एवं सबसे बड़ी शिवाजी महाराज की प्रतिमा है, जो नगर की ऐतिहासिक पहचान बनेगी।
आगामी 6 जून को प्रतिमा का विधिवत अनावरण शिवाजी महाराज के वंशजों के करकमलों से किया जाएगा, जो समस्त नगरवासियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण होगा।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटील, विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे, अमर यादव, मंगल यादव, रितेश गोयल, डॉ. अनिल अरझरे, पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा, धर्मेंद्र बजाज, मनीषा पाटिल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं हजारों की संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।

ज्ञातव्य है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने 17वीं शताब्दी में हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लेकर संगठित, अनुशासित एवं छापामार युद्ध नीति के माध्यम से सशक्त शासन व्यवस्था स्थापित की। उनका जीवन राष्ट्रनिष्ठा, स्वाभिमान और संगठन शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। खंडवा में आयोजित यह भव्य आयोजन प्रशासनिक समन्वय, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।








