भिण्ड (मेहगाँव)। भिण्ड जिले में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेहगाँव तहसील के ग्राम गहेली में एक डेयरी पर छापा मारकर नकली दूध बनाने के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया। मौके से भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल और ऑयल बरामद कर डेयरी को सील्ड कर दिया गया है।
केमिकल और ऑयल का ‘जानलेवा’ कॉकटेल
कलेक्टर भिण्ड के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी, रीना बंसल और किरन सेंगर की टीम जब मुकेश राठौर की डेयरी पर पहुँची, तो वहाँ का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। मौके पर दूध को ‘गाढ़ा और सफेद’ बनाने के लिए खतरनाक पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
जब्त किए गए पदार्थों का ब्यौरा
- आर.एम. केमिकल: 34 किलोग्राम (दूध में झाग और फैट बढ़ाने के लिए इस्तेमाल)
- लिक्विड ग्लूकोज: 12 किलोग्राम
- रिफाइंड सोयाबीन ऑयल: 24 किलोग्राम (सिंथेटिक दूध में चिकनाई लाने के लिए)
- मिलावटी दूध: 600 लीटर
लाइसेंस था नहीं, डेयरी बन गई थी ‘केमिकल लैब’
जांच के दौरान डेयरी संचालक मुकेश राठौर मौके पर कोई भी वैध खाद्य लाइसेंस (FSSAI License) पेश नहीं कर सका। डेयरी परिसर में साफ-सफाई का अभाव और भारी मात्रा में मिलावटी अपद्रव्य (Adulterants) पाए जाने के कारण प्रशासन ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए पूरी डेयरी को सील कर दिया।
लैब भेजे गए नमूने, संचालक पर होगी एफआईआर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से दूध के साथ-साथ पकड़े गए केमिकल और रिफाइंड ऑयल के नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के सभी डेयरी संचालकों को चेतावनी दी है कि वे शुद्धता के मानकों का पालन करें। सिंथेटिक या मिलावटी दूध बनाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ रासुका (NSA) जैसी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।








