सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर कोई भी सिर पकड़ ले। यहाँ एक पुरुष भाजपा नेता की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय (Uterus) होने की पुष्टि कर दी गई। उचेहरा नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजन प्रजापति जब पेट दर्द का इलाज कराने पहुँचे, तो डायग्नोस्टिक सेंटर ने उन्हें ऐसी रिपोर्ट थमा दी जो मेडिकल साइंस के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी।

पूरा मामला: पेट दर्द का इलाज कराने गए थे भाजपा नेता
नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजन प्रजापति पिछले कई दिनों से पेट दर्द से पीड़ित थे उचेहरा स्वास्थ्य केंद्र में आराम न मिलने पर वे सतना के ‘सतना डायग्नोस्टिक सेंटर’ पहुँचे।
13 जनवरी की रिपोर्ट
यहाँ उनकी सोनोग्राफी की गई। जब रिपोर्ट हाथ में आई, तो उसमें मरीज के शरीर में गर्भाशय होने का पूरा विवरण दर्ज था।
जबलपुर में खुला राज
सतना में राहत न मिलने पर जब वे जबलपुर के डॉक्टरों के पास पहुँचे और रिपोर्ट दिखाई, तो डॉक्टर हक्के-बक्के रह गए। डॉक्टरों ने साफ कहा कि पुरुष शरीर में गर्भाशय का होना असंभव है और यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत है।
संचालक की सफाई: “लड़के से गलत बटन दब गया”
मामला गरमाने के बाद सतना डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉक्टर अरविंद सराफ ने इस पर अजीबोगरीब सफाई दी है।
“कंप्यूटर में मेल और फीमेल के फॉर्मेट पहले से अपलोड रहते हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर से गलत बटन दब गया, जिससे फीमेल वाला फॉर्मेट प्रिंट हो गया। मैंने स्वयं जांच की थी, मरीज को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।”
जान पर बन सकती थी आफत: पुलिस में शिकायत
निरंजन प्रजापति इस लापरवाही को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
खतरा
उनका कहना है कि अगर इस गलत रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर गलत दवाइयाँ या सर्जरी कर देते, तो उनकी जान भी जा सकती थी।
मांग
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और डायग्नोस्टिक सेंटर की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रशासनिक सवाल: क्या केवल ‘टाइपिंग एरर’ है यह?
यह घटना केवल एक मानवीय भूल नहीं, बल्कि डायग्नोस्टिक सेंटर्स की गुणवत्ता और उनके प्रमाणीकरण पर बड़ा सवाल है। बिना रिपोर्ट पढ़े उसे साइन कर देना यह दर्शाता है कि मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।








