सत्य, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए साहिबजादों का बलिदान युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करता रहेगा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशव्यापी महाअभियान के तहत बुरहानपुर में ‘वीर बाल दिवस’ का आयोजन बड़ी श्रद्धा और प्रेरणा के साथ किया गया। गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने उनके अद्वितीय साहस को याद किया।
“उम्र नहीं, हौसला बड़ा होता है”— डॉ. मनोज माने
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस हमें संदेश देता है कि धर्म की रक्षा के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। मात्र 6 और 9 वर्ष की आयु में जिस तरह साहिबजादों ने मुगलों के जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाया, वह विश्व इतिहास में अद्वितीय है।
इतिहास के पन्नों से: जब दीवारें भी रो पड़ीं
भाजपा नेता बलराज नावानी ने साहिबजादों के बलिदान का रोंगटे खड़े कर देने वाला इतिहास साझा किया। उन्होंने बताया:
अडिग संकल्प
सन् 1705 में वजीर खान के दरबार में जब साहिबजादों को इस्लाम स्वीकार करने का प्रलोभन दिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया।
क्रूर सजा
साहिबजादों की दृढ़ता देख उन्हें जिंदा दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया।
अंतिम क्षण: असहनीय पीड़ा के बावजूद वे अपने विश्वास पर अडिग रहे। इसी दौरान ठंडे बुर्ज में कैद माता गुजरी जी ने भी अपने पोतों की शहादत का समाचार सुनकर प्राण त्याग दिए।
कार्यक्रम में गूंजी पंक्तियां:
“रखो ईंटें भरो गारे, चुनो दीवार हत्यारे… हमारी सांस बोलेगी, हमारी लाश बोलेगी। यही दीवार बोलेगी, हजारों बार बोलेगी।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जगाई देशभक्ति
भाजपा महामंत्री चिंतामन महाजन के सफल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों, कविताओं और भाषणों के माध्यम से साहिबजादों के संकल्प को प्रस्तुत किया गया। वरिष्ठ नेता इंदरसिंह चावला ने कहा कि साहिबजादों ने सिखाया कि स्वाभिमान के आगे अत्याचार कभी टिक नहीं सकता।

एकता और अखंडता का संकल्प
जिला सह मीडिया प्रभारी राकेश कुमार पुर्वे ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। यह दिवस न केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद और धर्मनिष्ठा का पाठ भी है। इस कार्यक्रम में इंदरसिंह चावला, बलराज नावानी, चिंतामन महाजन, उमा कपूर, गुरुदयालसिंह, सुदामा नावानी, समर्थ चिटनिस, राजेश सुखवानी, राजकुमार वासवानी, अमर लालवानी, दीपक महाजन, मनोज फुलवानी और निलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।








