खंडवा। संजय नगर बस्ती स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में स्पंदन समाज सेवा समिति द्वारा बाल सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र H2S लीडर एवं बाल हिंसा विषय पर फेलोशिप कर रहीं पूनम यादव द्वारा आयोजित किया गया, जो संस्था की निदेशक सीमा प्रकाश जी के नेतृत्व में संचालित है।
कार्यक्रम में कक्षा 6वीं, 7वीं एवं 8वीं के छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा, अधिकारों की जानकारी और आत्मरक्षा के विषय में सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया गया। सत्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान कराना तथा उन्हें सही निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना रहा।
गुड टच–बैड टच से लेकर POCSO एक्ट तक विस्तृत जानकारी
सत्र की शुरुआत पूनम यादव द्वारा की गई। उन्होंने बच्चों को सरल भाषा में बताया कि गुड टच और बैड टच में अंतर कैसे समझें और अपनी शारीरिक सीमाओं की रक्षा कैसे करें।
इसके साथ ही उन्होंने POCSO एक्ट के अंतर्गत बच्चों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण की जानकारी दी तथा किसी भी आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता और प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
कानूनी प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका पर प्रकाश
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खंडवा से पधारीं अंजना लाखमारे ने बच्चों को पुलिस एवं न्यायालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना की शिकायत कैसे दर्ज कराई जाती है, पुलिस बच्चों की सहायता के लिए किस प्रकार तत्पर रहती है और न्यायालय में बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु क्या-क्या प्रावधान हैं।
मौलिक एवं मानवाधिकारों पर बच्चों को मिला आत्मबल
SPOC निशांत फ़ितूरी ने बच्चों को उनके मौलिक एवं मानवाधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अन्याय या गलत व्यवहार को सहना नहीं चाहिए, बल्कि उसके विरुद्ध आवाज उठाना आवश्यक है।
प्रतिभागी बच्चों को किया गया सम्मानित
सत्र के दौरान सक्रिय सहभागिता और बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
विद्यालय प्रबंधन और टीम का सराहनीय सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्राचार्य रश्मि मालवीय का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही टीम के सदस्यों प्राप्ति वर्मा एवं राजेन्द्र भार्गव ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
शपथ के साथ हुआ समापन
सत्र के अंत में सभी बच्चों ने शपथ ली कि वे स्वयं को सुरक्षित रखेंगे और किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने शिक्षकों या अभिभावकों को देंगे। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।








