फसल आड़ी, किसान संकट में— मुआवजे की लड़ाई लेकर दिल्ली पहुँचे सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल

खबर मंडी न्यूज़
खंडवा विगत माह खंडवा लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में आई तेज़ आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर भारी संकट खड़ा कर दिया। गेहूं, चना, तुअर, मक्का सहित कई फसलें खेतों में आड़ी हो गईं, जिससे कटाई से पहले ही भारी नुकसान हो गया। मंडियों तक फसल पहुँचने से पहले ही तबाही के इस हालात ने किसानों को गहरी आर्थिक चिंता में डाल दिया।
किसानों की इसी पीड़ा और नुकसान की आवाज़ लेकर खंडवा के लोकप्रिय सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल नई दिल्ली पहुँचे। उन्होंने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आत्मीय भेंट कर संसदीय क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हुए फसल नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। सांसद पाटिल ने ज़मीनी हालात से मंत्री को अवगत कराते हुए बताया कि कई स्थानों पर ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे किसानों की लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है।
सांसद ने बताया कि फसल आड़ी होने से किसानों को न तो उचित उत्पादन मिला और न ही मंडी में फसल लाने का अवसर। इससे किसानों पर कर्ज़ का बोझ बढ़ने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित गांवों का शीघ्र और निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तथा मुआवजे की राशि जल्द से जल्द किसानों के खातों में पहुंचाई जाए, ताकि किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारी कर सकें।
किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को फ़ोन पर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार राहत देने में किसी प्रकार की देरी न की जाए।
इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने अपने संसदीय क्षेत्र में कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों, सिंचाई व्यवस्था, फसल बीमा और मंडी प्रणाली से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसान की समस्या चाहे खेत की हो या मंडी की, उसे दिल्ली तक पहुँचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सांसद की इस पहल के बाद क्षेत्र के किसानों में राहत की उम्मीद जगी है। मंडी और ग्रामीण अंचलों में यह विश्वास बढ़ा है कि जल्द ही सर्वे प्रक्रिया पूरी होकर मुआवजे की कार्रवाई शुरू होगी और किसानों को उनके नुकसान का उचित मुआवजा मिल सकेगा।








