अगर आप भी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर अपना जीवनसाथी तलाश रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। ग्वालियर पुलिस की सायबर क्राइम विंग ने शहर में चल रहे एक ऐसे हाईटेक ‘ठगी साम्राज्य’ का भंडाफोड़ किया है, जो शादी के नाम पर देशभर के लोगों की जेबें ढीली कर रहा था। पुलिस ने ठाठीपुर और द्वारिकाधीश मंदिर के पास चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापा मारकर 20 युवतियों को पकड़ा है, जो फर्जी प्रोफाइल के जरिए ‘हसीन जाल’ बुनती थीं।
कैसे बुना जाता था ठगी का ‘मायाजाल’?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, ग्वालियर सायबर पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है, वह चौंकाने वाला है। ठगी का यह पूरा खेल mypartnerindia.com और uniquerishtey.com जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए खेला जा रहा था। जैसे ही कोई व्यक्ति इन वेबसाइट्स पर अपना रजिस्ट्रेशन करता, उसकी पूरी जानकारी कॉल सेंटर तक पहुंच जाती थी। आरोपी गूगल से सुंदर युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे और ग्राहक की पसंद, जाति व उम्र के अनुसार फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। पसंद आने पर ग्राहकों को व्हाट्सएप पर फोटो भेजे जाते और फिर ‘गोल्डन’ या ‘डायमंड’ मेंबरशिप के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। ठगी को पुख्ता करने के लिए कॉल सेंटर में बैठी युवतियां ही ग्राहक से होने वाली ‘दुल्हन’ बनकर घंटों चैटिंग और कॉल पर बात करती थीं।
मासिक कमाई जानकर रह जाएंगे हैरान
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह नेटवर्क अब तक देशभर में 1500 से अधिक लोगों को चूना लगा चुका है। हर कॉल सेंटर की महीने की कमाई करीब 2.5 से 3 लाख रुपये थी। पुलिस अब उन बैंक खातों को खंगाल रही है, जिनमें ठगी की यह रकम जमा की जाती थी।
रेड में क्या-क्या हुआ बरामद?
छापेमारी के दौरान दोनों कॉल सेंटरों से 20 युवतियां कार्यरत मिलीं, जिन्हें पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (दर्जनों कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन) व बैंकिंग दस्तावेज (कई एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और विभिन्न बैंकों के सिम कार्ड) अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस संबंधित बैंक खातों के लेन-देन की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर
हालांकि पुलिस ने कॉल सेंटर को सील कर दिया है और कर्मचारियों को पकड़ लिया है, लेकिन इस पूरे गोरखधंधे का मुख्य संचालक (मास्टरमाइंड) फिलहाल फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य बड़े शहरों में फैले इस नेटवर्क के तारों का खुलासा हो सकता है।
सायबर विंग की आम जनता से अपील: रहें सावधान
ग्वालियर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। डिजिटल दुनिया में बढ़ते इस तरह के ‘हनी ट्रैप’ और मैरिज फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।








