अंबाह (मुरैना)। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए ओढ़ी गई एक शॉल आज एक किसान के लिए मौत का फंदा बन गई। अंबाह थाना क्षेत्र की भडौली पंचायत के महंत की पूठ गांव में मंगलवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। मशीन की चपेट में आने से 42 वर्षीय किसान रामबहादुर उर्फ बलखंडी तोमर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि किसान का सिर धड़ से अलग होकर मशीन में फंस गया।
बातचीत के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, रामबहादुर अपने भाई धनवीर के साथ गांव के ही राजकुमार सखवार के खेत पर पहुंचे थे। वहां ट्रैक्टर से आलू की खुदाई का काम चल रहा था। रामबहादुर ट्रैक्टर चालक से अपने खेत की खुदाई के संबंध में चर्चा कर रहे थे। बातचीत के दौरान रामबहादुर ट्रैक्टर और आलू खोदने वाली मशीन के बीच चल रहे जॉइंट (शाफ्ट) के करीब खड़े थे। ठंड के कारण उन्होंने गले में शॉल लपेट रखी थी। अचानक शॉल का एक सिरा घूमती हुई जॉइंट (शाफ्ट) में फंस गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या ट्रैक्टर बंद होता, मशीन ने रामबहादुर को अपनी ओर खींच लिया।
टूट गया परिवार, अधूरा रहा बेटों का सपना
रामबहादुर केवल एक किसान नहीं, बल्कि अपने परिवार की उम्मीदों का स्तंभ थे। वे स्वयं कम पढ़े-लिखे थे, लेकिन उनका एकमात्र लक्ष्य अपने दोनों बेटों को बड़ा अफसर बनाना था। बताया जा रहा है कि परिवार में पत्नी नीतू तोमर और दो बेटे अनुज (18) व अन्नू (16) हैं दोनों बेटों की पढ़ाई के लिए वे दिन-रात खेतों में पसीना बहाते थे। आज उनकी मौत के साथ ही बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और उनकी पढ़ाई व भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही अंबाह थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरे गांव में इस समय मातम का माहौल है पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।
कृषि यंत्रों के उपयोग में सावधानी की अपील
विशेषज्ञों और पुलिस ने इस घटना के बाद किसानों से अपील की है कि कृषि यंत्रों (जैसे थ्रेशर, शाफ्ट या खुदाई मशीन) के पास काम करते समय ढीले कपड़े, मफलर या शॉल का प्रयोग न करें।








