सिंगरौली (बैढ़न)। नए साल के जश्न की आड़ में सिंगरौली जिले में अवैध शराब का काला कारोबार चरम पर पहुंच गया है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके यानी बैढ़न कोतवाली के ठीक पास स्थित एक अंग्रेजी शराब दुकान से अवैध सप्लाई का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दुकान के कर्मचारी बेखौफ होकर उड़ीसा नंबर की एक बोलेरो में शराब की पेटियां लोड करते नजर आ रहे हैं।
प्रशासन की नाक के नीचे ‘उड़ीसा कनेक्शन’
हैरानी की बात यह है कि जिस दुकान से यह गोरखधंधा चल रहा है, वह पुलिस महकमे के केंद्र यानी कोतवाली के बिल्कुल करीब है।
वायरल वीडियो
31 दिसंबर 2025 (नए साल की पूर्व संध्या) को यह वीडियो बनाया गया। इसमें एक सफेद रंग की बोलेरो (उड़ीसा नंबर) दुकान के सामने खड़ी है और कर्मचारी धड़ाधड़ शराब की पेटियां अंदर डाल रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में सप्लाई
सूत्रों का दावा है कि यह शराब ग्रामीण अंचलों और ढाबों में खपाने के लिए भेजी जा रही थी, ताकि नए साल पर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: ‘यह रोज का काम है’
स्थानीय दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उड़ीसा और अन्य बाहरी नंबरों की गाड़ियां अक्सर यहाँ आती हैं और दिनदहाड़े शराब भरकर निकल जाती हैं। आरोप है कि आबकारी विभाग और पुलिस को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन ‘महीना’ फिक्स होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती।
नगर पुलिस अधीक्षक ने लिया संज्ञान
मामला गरमाता देख और वीडियो वायरल होने के बाद नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) पीएस परस्ते ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
जांच का आश्वासन
सीएसपी परस्ते ने कहा, “मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं इसे तत्काल दिखवाता हूँ। किसी भी दुकान से बिना आबकारी अनुमति के थोक में गाड़ियों में शराब लोड करना नियमों का उल्लंघन है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपों में सत्यता पाई गई, तो दुकान संचालक और वाहन मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल
कोतवाली पुलिस के पास सक्रियता दिखाने का मौका है, लेकिन असली सवाल आबकारी विभाग पर उठ रहे हैं। नए साल पर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध सप्लाई होना विभाग की ‘चेकिंग’ और ‘मुस्तैदी’ के दावों की पोल खोलता है। क्या जिला प्रशासन इस सिंडिकेट की जड़ तक जाएगा या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?








