विदिशा। मध्य प्रदेश में आयकर विभाग (IT) की कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह विदिशा जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आयकर विभाग की एक विशेष टीम ने शहर के शेरपुरा स्थित ‘समाधान अपार्टमेंट’ में धावा बोल दिया। यह बड़ी कार्रवाई जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई और क्षेत्र के प्रतिष्ठित सरकारी ठेकेदार दिलीप रघुवंशी के कार्यालय पर की गई है।
सुबह-सुबह की दबिश से मचा हड़कंप
शुक्रवार तड़के जब शहर जाग ही रहा था, तभी आयकर विभाग की गाड़ियां शेरपुरा इलाके में दाखिल हुईं। टीम सीधे समाधान अपार्टमेंट स्थित दिलीप रघुवंशी के दफ्तर पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से न केवल रघुवंशी परिवार बल्कि शहर के अन्य बड़े व्यापारियों और रसूखदारों में भी हड़कंप मच गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति, यहाँ तक कि कर्मचारियों को भी अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
सत्ता और व्यापार का कनेक्शन: रडार पर वित्तीय दस्तावेज
दिलीप रघुवंशी केवल एक बड़े ठेकेदार ही नहीं हैं, बल्कि वे राजनीतिक रूप से भी काफी प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके भाई वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। सूत्रों का कहना है कि विभाग को लंबे समय से बड़े पैमाने पर कर चोरी (Tax Evasion) और आय से अधिक संपत्तियों की शिकायतें मिल रही थीं।
जांच के मुख्य बिंदु:
सरकारी ठेके
पिछले कुछ वर्षों में मिले बड़े सरकारी निर्माण कार्यों और उनके भुगतान का ब्यौरा।
कैश ट्रांजैक्शन
बैंक रिकॉर्ड और मौके पर मिले नकदी के बीच का अंतर।
निवेश
रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में किए गए अघोषित निवेश के दस्तावेज।
डिजिटल डेटा
टीम कंप्यूटर और लैपटॉप से महत्वपूर्ण वित्तीय डेटा रिकवर करने में जुटी है।
विभाग की चुप्पी, पर बड़े खुलासे की उम्मीद
आयकर विभाग ने अब तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, जिस स्तर पर यह कार्रवाई की जा रही है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कई करोड़ रुपये की अघोषित आय का मामला हो सकता है। फिलहाल अधिकारी दस्तावेजों और हार्ड डिस्क की जांच में जुटे हैं और यह कार्रवाई देर रात या कल तक भी जारी रह सकती है।
भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी पर कड़ा प्रहार
विदिशा में हुई यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों के उस सख्त रुख को दर्शाती है, जहाँ भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के मामलों में रसूखदार भी जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह रेड चर्चा का केंद्र बनी हुई है।








