खंडवा। जिले में कुपोषण के खिलाफ “मिशन आँचल” के तहत कलेक्टर ऋषव गुप्ता के नेतृत्व में DM, ADM सृष्टि देशमुख, ADM अरविंद चौहान और जिला पंचायत CEO नागार्जुन बी. गौड़ा ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू की है। 323 आंगनबाड़ी केंद्रों का एक साथ निरीक्षण कर 80 से अधिक अतिगंभीर कुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए, जिन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्रों में भेजा जा रहा है।
“मिशन आँचल” का जमीनी क्रियान्वयन
कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर 100+ अधिकारियों ने उन आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड में एक भी अतिगंभीर कुपोषित बच्चा दर्ज नहीं था। वजन-ऊंचाई मापने पर वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसमें 80+ बच्चे “सेम” (अतिगंभीर कुपोषण) श्रेणी में पाए गए। कलेक्टर ने कुपोषण छुपाने की प्रवृत्ति पर सख्ती बरतने का ऐलान किया।

तत्काल कार्रवाई और पुनर्वास
चिन्हित बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है, जहां विशेष चिकित्सकीय देखभाल, पोषण आहार और योजनाओं का लाभ मिलेगा। परिवारों को पोषण जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। ADM सृष्टि देशमुख व अरविंद चौहान निगरानी संभाल रहे हैं, जबकि CEO नागार्जुन बी. गौड़ा ग्रामीण संसाधनों को मजबूत कर रहे हैं।
कलेक्टर का संकल्प
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा, “कुपोषण सिर्फ स्वास्थ्य विभाग का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। खंडवा को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें नियमित निरीक्षण, पारदर्शी डेटा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।”
अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ
- 323 आंगनबाड़ी केंद्रों का एक साथ निरीक्षण।
- चिन्हित किए गए सभी 80 से अधिक बच्चों को युद्ध स्तर पर नजदीकी NRC केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
- अधिकारियों का सशक्त समन्वय और जमीनी निगरानी।
- परिवार स्तर पर पोषण जागरूकता
सुशासन की नई परिभाषा
खंडवा प्रशासन की यह पहल यह साबित करती है कि जब ‘स्मार्ट प्रशासन’ फाइलों से बाहर निकलकर आंगनबाड़ी के फर्श पर बैठता है, तभी असली बदलाव शुरू होता है। आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय सच्चाई को स्वीकार करना ही ‘कुपोषण मुक्त खंडवा’ के सपने को हकीकत में बदलेगा।








