खंडवा। जब संवेदनशील मामलों में प्रशासन स्वयं आगे आता है, तब सिर्फ फाइलें नहीं चलतीं — ज़िंदगियाँ संवरती हैं। खंडवा कलेक्टर के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के बाद विशेष कैटेगरी की बच्चियों को अब वह सुविधाएँ मिल रही हैं, जिनकी उन्हें लंबे समय से ज़रूरत थी।
खंडवा (SAA) विशेष दत्तक ग्रहण की पालन की जा रही बालिका
विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण केंद्र किलकारी शिशु गृह, खंडवा में अस्थायी रूप से रह रही एक विशेष श्रेणी की बालिका, बुरहानपुर में जन्म के बाद एक अमानवीय घटना का शिकार हुई थी, जहाँ उसे अस्पताल की तीसरी मंज़िल से नीचे फेंक दिया गया था। इस दर्दनाक घटना के कारण बालिका के स्वभाव एवं स्वास्थ्य में गंभीर और जटिल समस्याएँ सामने आ रही थीं।
उपजार जारी, किलकारी शिशु गृह की सतत निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) बुरहानपुर के निर्देश पर बालिका को विशेष उपचार हेतु PICU में भर्ती कराया गया। इसके पश्चात खंडवा कलेक्टर के सहयोग से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा डॉक्टरों से समन्वय स्थापित कर बालिका को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।
विशेष चिकित्सा सुविधाओं, सतत निगरानी
पूरे उपचार एवं देखरेख की प्रक्रिया में CWC अध्यक्ष खंडवा, विभागीय केयरटेकर एवं संबंधित अधिकारी निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। किलकारी शिशु गृह की संचालक स्वयं समय-समय पर अस्पताल पहुँचकर चिकित्सकों से चर्चा कर रही हैं और PICU में बालिका की स्थिति में हो रहे बदलावों का निरीक्षण कर रही हैं।
प्रशासनिक हस्तक्षेप असहाय जीवन के लिए नई उम्मीद
विशेष चिकित्सा सुविधाओं, सतत निगरानी और प्रशासनिक संवेदनशीलता के चलते अब बालिका के स्वास्थ्य में स्पष्ट एवं सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि समय पर किया गया प्रशासनिक हस्तक्षेप असहाय जीवन के लिए नई उम्मीद बन सकता है।
खंडवा कलेक्टर की सराहनीय भूमिका
विशेष कैटेगरी की इस बालिका को बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सहयोग के लिए खंडवा कलेक्टर की भूमिका सराहनीय रही है। उनके हस्तक्षेप से यह सुनिश्चित हो सका कि बच्ची को न केवल उपचार मिला, बल्कि संरक्षण और संवेदनशील देखभाल भी प्राप्त हुई।








