खंडवा। इंदौर में दूषित पानी से हुई 16 मौतों के बाद अब खंडवा (Khandwa) में भी नर्मदा जल योजना के तहत गंदे पानी की सप्लाई को लेकर सियासत गरमा गई है। रविवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनूठा ‘घंटा प्रदर्शन’ करते हुए विधायक एवं मंत्री निवास का घेराव करने निकले कांग्रेसियों की पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस और कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
कांग्रेस की रैली जैसे ही विधायक व मंत्री निवास की ओर बढ़ी, लेकिन उससे पहले ही भारी पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी होती रही। इस दौरान कांग्रेस जिला एवं शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी बैरिकेड पर चढ़कर विरोध जताती नजर आईं। पुलिस और प्रतिभा रघुवंशी के बीच भी धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी, जिससे कुछ समय के लिए हालात और बिगड़ गए।
नालियों से होकर गुजर रही है नर्मदा की पाइपलाइन
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि इंदौर की घटना से सबक लेने के बजाय खंडवा प्रशासन सोया हुआ है। शहर में कई जगह पाइपलाइन नालियों के अंदर से गुजर रही है, जिससे लीकेज होने पर दूषित पानी घरों तक पहुँच रहा है। आगे कहा कि कई बार कलेक्टर को शिकायत करने के बावजूद ड्रेनेज और पेयजल लाइनों को अलग करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रतिभा ने साफ किया कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि खंडवा की जनता की प्यास और उनके जीवन के अधिकार की लड़ाई है।
कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस का सड़क पर उतरकर प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं ने नर्मदा जल योजना में लापरवाही को जनता के जीवन से सीधा खिलवाड़ बताया। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में घंटा लेकर घंटा प्रदर्शन करते नजर आए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब सरकार बहरी हो जाए, तो जनता को अपनी आवाज घंटा बजाकर सुनानी पड़ती है।
शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने SDM एवं नगर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए नर्मदा जल लाइन की तत्काल जांच, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और खंडवा शहर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस की जिला प्रशासन व सरकार को चेतावनी
कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व सरकार की होगी।








