
खबर मंडी विशेष/सुशील विधाणी
खंडवा। सक्रिय जनप्रतिनिधित्व और सतत प्रयासों का परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने है। खंडवा विधानसभा क्षेत्र को बजट 2026-27 में लगभग 153 करोड़ रुपये की सड़क स्वीकृतियां प्राप्त हुई हैं। यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरने वाला विकास है।


जिला संगठन मंत्री धर्मेंद्र बजाज ने कहा कि “खंडवा को अब जो मिलेगा वह आपके सामने है, केवल बातों में नहीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्वीकृतियां लगातार प्रयास, फॉलोअप और मजबूत प्रस्तुतीकरण का परिणाम हैं।
वहीं सुनील जैन द्वारा बताया गया कि विधायक कंचन मुकेश तनवे ने राजधानी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर खंडवा के विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर मांग पत्र सौंपा। इनमें खंडवा बायपास, जर्जर मार्गों का नवीनीकरण, लाल चौकी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज, जिले में बटालियन की स्थापना तथा आनंद नगर मेडिकल कॉलेज में सुव्यवस्थित अस्पताल निर्माण जैसे विषय शामिल रहे।
विधानसभा में उठी आवाज, बजट में मिला जवाब


विधानसभा सत्र के दौरान विधायक द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े प्रश्न प्रभावी ढंग से उठाए गए। संबंधित विभागों ने उत्तर दिए और बजट में ठोस प्रावधान किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा प्रस्तुत बजट में खंडवा को बड़ी सौगात मिली।
78.53 किलोमीटर सड़कों को स्वीकृति
खंडवा विधानसभा क्षेत्र की 78.53 किलोमीटर लंबाई की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं मजबूतीकरण हेतु 152.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इनमें प्रमुख मार्ग शामिल हैं—
खंडवा–पलकना मार्ग
अमलपुरा–सांवखेडा–माथनी मार्ग
खंडवा–पिपलिया फुल तपोवन मार्ग
सिहाड़ा सहित ग्रामीण संपर्क मार्ग
साथ ही—
खंडवा से हरसूद-चारखेड़ा-भैसावा (38 किमी) मार्ग हेतु 95 करोड़ रुपये
खंडवा–दुल्हार–पंधाना मुख्य जिला मार्ग हेतु 30 करोड़ रुपये
ये स्वीकृतियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
चौमुखी विकास की ओर बढ़ता खंडवा
मजबूत सड़क नेटवर्क व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देता है। जिला संगठन मंत्री धर्मेंद्र बजाज ने कहा कि अब विकास दिखाई देगा, महसूस होगा और जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
वहीं सुनील जैन द्वारा बताया गया कि निरंतर प्रयासों और प्रभावी नेतृत्व के कारण खंडवा को यह ऐतिहासिक बजटीय स्वीकृति मिली है।
खंडवा अब केवल आश्वासनों का नहीं, बल्कि साकार होते विकास का प्रतीक बन रहा है।








