खंडवा (सिंगोट)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम सिंगोट में एक धार्मिक पुस्तक को लेकर उपजे विवाद ने सांप्रदायिक संवेदनशीलता बढ़ा दी है। ‘ज्ञान गंगा’ नामक पुस्तक में कथित तौर पर पवित्र कुरान शरीफ और अन्य धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध आपत्तिजनक व भ्रामक सामग्री होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने एक सुर में विरोध दर्ज कराते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बजरंग दल ने प्रचारकों को पकड़कर पुलिस को सौंपा
- पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ग्राम सिंगोट में कुछ लोग ‘ज्ञान गंगा’ पुस्तक का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।
- बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुस्तक का वितरण कर रहे लोगों को पकड़ा और उनकी सामग्री की जांच की।
- कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुस्तक में हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। वे पकड़े गए लोगों को लेकर तत्काल पीपलोद थाना पहुंचे और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
मुस्लिम समाज ने भी जताई नाराजगी
विवाद की सूचना मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग भी बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि पुस्तक में पवित्र ग्रंथों की व्याख्या गलत तरीके से की गई है, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा है।
शिकायतकर्ताओं ने कहा, “हम सभी धर्मों और उनके ग्रंथों का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी पुस्तक के माध्यम से गलत प्रचार और पवित्र ग्रंथों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पुलिस ने शुरू की जांच, शांति की अपील
पीपलोद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुस्तक की प्रतियों को जब्त कर लिया है और संबंधित प्रचारकों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पुस्तक की सामग्री का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाएगा कि क्या वह वाकई धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।
क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव न फैले, इसके लिए पुलिस ने शांति समिति के सदस्यों से चर्चा की है और लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील की है।
खंडवा के सिंगोट में हुआ यह विवाद यह दर्शाता है कि धार्मिक मान्यताओं के प्रति जनता कितनी संवेदनशील है। प्रशासन के लिए अब यह चुनौती है कि वह पुस्तक के प्रकाशक और वितरण करने वाली संस्था की निष्पक्ष जांच करे ताकि समाज में शांति और भाईचारा बना रहे।








