खंडवा। शहर के हृदय स्थल घंटाघर पर स्थित ऐतिहासिक महावीर जैन स्तंभ की पवित्रता बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई की जैन समाज ने मुक्त कंठ से सराहना की है। मंत्रों को दूषित होने से बचाने के लिए महापौर अमृता अमर यादव के निर्देश पर किए गए कार्यों को लेकर रविवार को समाज के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
51 साल पुराना ऐतिहासिक स्तंभ और ‘निर्वाण मंत्र’ की महत्ता
जैन समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि यह स्तंभ खंडवा की ऐतिहासिक धरोहर है।
आज से 51 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी की घोषणा पर भगवान महावीर स्वामी के 2500वें निर्वाण महोत्सव के अवसर पर इस संगमरमर के स्तंभ का निर्माण किया गया था।
इस स्तंभ और महावीर उद्यान की दीवारों पर पवित्र णमोकार मंत्र और भगवान महावीर के निर्वाण उत्सव के मंत्र अंकित हैं।
भक्तों की चिंता और महापौर का त्वरित निर्णय
पिछले कुछ समय से महावीर जैन स्तंभ के गेट के पास दीवार पर अंकित मंत्रों के सामने हाथ-ठेले खड़े होने लगे थे। इससे मंत्रों की पवित्रता प्रभावित हो रही थी और समाज में इस बात को लेकर चिंता थी।
समाजजनों ने महापौर से अनुरोध किया था कि मंत्रों को दूषित होने से बचाने के लिए वहां स्थाई व्यवस्था की जाए।
महापौर के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने उक्त स्थान पर पाइप जाली लगाकर घेराव कर दिया है, जिससे अब वहां ठेले या अन्य अतिक्रमण नहीं हो सकेगा और मंत्रों की गरिमा सुरक्षित रहेगी।
महापौर निवास पर ‘जय जिनेंद्र’ के साथ स्वागत
रविवार को जैन समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने महापौर अमृता अमर यादव के निवास पहुंचकर इस पुण्य कार्य के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र भटयांण, सचिव नितिन जैन, सुनील जैन, कोषाध्यक्ष संतोष जैन ‘बॉस’, देवेंद्र सराफ, प्रेमांशु चौधरी, राजेश जैन और महिला विंग से श्रीमती पायल जैन, योगिता जैन व पिंकी जैन सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।
महापौर का संदेश
इस अवसर पर महापौर ने कहा कि शहर की धार्मिक धरोहरों और जनभावनाओं का सम्मान करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
महावीर जैन स्तंभ खंडवा की पहचान का हिस्सा है। महापौर की इस पहल ने न केवल एक धार्मिक स्थल की पवित्रता सुनिश्चित की है, बल्कि अतिक्रमण की समस्या का भी समाधान निकाला है। जैन समाज के इस अभिनंदन ने जन-प्रतिनिधियों और समाज के बीच के जुड़ाव को और मजबूत किया है।








