
खबर मंडी न्यूज़ विशेष
खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत बोरगांव चौकी के ग्राम टाकली कला में लंबे समय से चला आ रहा जमीन विवाद एक बार फिर उग्र हो गया। विवाद इस कदर बढ़ा कि खेत में काम कर रही आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट की गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम टाकली कला में एक आदिवासी परिवार अपनी कृषि भूमि पर खेत का कार्य कर रहा था। इसी दौरान दूसरी ओर की एक आदिवासी युवती कुछ लोगों को साथ लेकर खेत पर पहुंची। आरोप है कि साथ आए लोगों ने खेत में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने की नीयत से दवाई का छिड़काव करवाने का प्रयास किया।

जब खेत में काम कर रही महिलाओं ने इसका विरोध किया तो कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद में तब्दील हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ आए लोगों ने महिलाओं पर हमला कर दिया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक पुरुष महिला को धक्का देकर खेत में गिरा देता है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। विवाद के दौरान महिलाओं के बीच भी हाथापाई और झगड़े की स्थिति बनी रही।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जड़ जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा पुराना विवाद है। ग्राम टाकली कला के आदिवासी परिवार का कहना है कि संबंधित जमीन उनकी पैतृक भूमि है, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं और किसी भी हाल में इसे छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर, खेत में दवाई छिड़काव के लिए पहुंचे लोग भी जमीन को अपनी बताते हुए उस पर दावा कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी पीड़ित परिवार इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचकर कई बार लिखित आवेदन दे चुका है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने बार-बार प्रशासन से हस्तक्षेप कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की गुहार लगाई, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई या सहयोग नहीं मिला।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और समय रहते कार्रवाई न होने के कारण हालात बिगड़ते चले गए और अंततः मामला मारपीट तक पहुंच गया। अब सवाल यह उठता है कि जब लोग पूर्व में ही पुलिस और प्रशासन के समक्ष आवेदन देकर अपनी समस्या का समाधान चाहते रहे हों, लेकिन उन्हें कोई राहत न मिले, तो क्या ऐसी स्थिति में लोग मजबूर होकर खुद ही अपनी समस्या का समाधान करने का रास्ता चुनें—और क्या यह रास्ता सही है? या फिर यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए आने वाले समय में और भी बड़ा खतरा बन सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जमीन विवाद का शीघ्र एवं स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








