सिंगरौली के माड़ा वन क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने लकड़ी तस्करों के बीच दहशत पैदा कर दी है। प्रशासन की सक्रियता से न केवल बेशकीमती सागौन की लकड़ी बरामद हुई, बल्कि एक मुख्य तस्कर की पहचान भी सुनिश्चित हो गई है। जिले में वन सुरक्षा को लेकर विभाग का यह कड़ा रुख पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम है।
सिंगरौली (माड़ा)। सिंगरौली जिले के माड़ा वन परिक्षेत्र में वन माफियाओं के खिलाफ विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 12 जनवरी की दरमियानी रात वन विभाग की स्पेशल टास्क टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सागौन की तस्करी को नाकाम कर दिया। हालांकि, शातिर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा, लेकिन विभाग ने वाहन और बेशकीमती लकड़ी जब्त कर आरोपी की पहचान कर ली है।
रात 2 बजे धरी बीट में हुई घेराबंदी
वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष गश्ती दल सोमवार रात को माड़ा और लांघडोल क्षेत्र में मुस्तैद था। रात करीब 2 बजे जब उड़नदस्ता वाहन धरी स्कूल मेन रोड के पास पहुंचा, तो सामने से एक संदिग्ध मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। गश्ती दल ने जैसे ही वाहन को रुकने का इशारा किया, चालक घबरा गया और पकड़े जाने के डर से बाइक को बीच सड़क पर छोड़कर घने अंधेरे और झाड़ियों का सहारा लेकर गायब हो गया।
सागौन के 5 चिरान बरामद, आरोपी की हुई पहचान
जब वन विभाग की टीम ने लावारिस मिली मोटरसाइकिल की तलाशी ली, तो उस पर सागौन (साल) लकड़ी के 5 बड़े चिरान लदे पाए गए। टीम ने मौके पर ही वाहन और अवैध लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन नंबर और स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी की शिनाख्त अरविंद कुमार वैश्य (निवासी मिथुल, थाना माड़ा) के रूप में हुई है। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ वन अपराध
वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धारा 5(ग) एवं 15 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(क) के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है।वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। वन विभाग ने अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
अवैध कटाई पर वन विभाग की चेतावनी
माड़ा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जंगलों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वन विभाग ने बताया कि रात्रिकालीन गश्त को अब और अधिक सघन बनाया जाएगा ताकि वन संपदा की चोरी को पूरी तरह रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।








