खबर मंडी विशेष/ओंकारेश्वर से मनोज त्रिवेदी
ओंकारेश्वर हजारों श्रद्धालुओं ने किए ज्योतिर्लिंग दर्शन, मंदिर शिखर पर पहली बार हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
विशेष प्रयासों से पहली बार मंदिर शिखर पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की गई। ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टर से दोपहर में मंदिर के शिखर पर पुष्प वर्षा कर भगवान भोलेनाथ का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर- पावन नगरी श्री ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष अभूतपूर्व भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सम्पूर्ण नगर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंजायमान रहा।
इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी राजा राव पुष्पेंद्र सिंह के विशेष प्रयासों से पहली बार मंदिर शिखर पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की गई। ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टर से दोपहर में मंदिर के शिखर पर पुष्प वर्षा कर भगवान भोलेनाथ का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। आसमान से बरसते पुष्पों ने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की।
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर एवं गर्भगृह को सुगंधित एवं रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक रूप में सजाया गया। परंपरानुसार भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मध्य रात्रि में भव्य आतिशबाजी के साथ पर्व का उल्लास चरम पर पहुंच गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के पट 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुले रहे।

सोमवार प्रातः 4 बजे विशेष मुहूर्त में ढोल-नगाड़ों की मंगल ध्वनि के बीच विधि-विधान से भगवान का महाअभिषेक पूजन संपन्न किया गया, तत्पश्चात पुनः मंदिर के पट दर्शनार्थ खोले गए।
संपूर्ण तीर्थ नगरी के मठ-मंदिरों में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ शिवरात्रि पर्व मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन हुआ, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर ओंकारेश्वर नगरी पूर्णतः शिवमय हो उठी और भक्तों की आस्था, श्रद्धा एवं उत्साह ने इस पर्व को ऐतिहासिक बना दिया।








