सिंगरौली। पिछले कुछ दिनों से जिला खनिज विभाग और उसके एक कर्मचारी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने इन खबरों को पूरी तरह ‘भ्रामक और तथ्यहीन’ करार देते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को ‘विवाद’ का रंग देना गलत है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि खनिज विभाग के कर्मचारी गजानन कुमार के स्थानांतरण या संलग्नीकरण के पीछे कोई बड़ा विवाद या दबाव है। कुछ प्लेटफॉर्म्स पर इसे विभागीय खींचतान से भी जोड़कर देखा जा रहा था।
आकांक्षा पटेल का आधिकारिक पक्ष
खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने तथ्यों को सामने रखते हुए स्थिति साफ की गजानन कुमार, जो भृत्य सह प्रोसेस सर्वर (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर तैनात हैं, उन्हें तहसील सिंगरौली (नगर) कार्यालय में अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है। यह निर्णय केवल बेहतर कार्य संचालन और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। इस समायोजन का किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव या निजी विवाद से कोई संबंध नहीं है।
आकांक्षा पटेल ने की अपील
आकांक्षा पटेल ने अपील की कि सभी लोग प्रशासनिक स्रोतों से ही आधिकारिक जानकारी प्राप्त करें और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से बचें। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण लोगों में असमंजस और गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं, और इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
खनिज विभाग के इस कड़े रुख के बाद अब उन अफवाहों पर पानी फिर गया है जो इस संलग्नीकरण को किसी ‘बड़े कांड’ से जोड़कर देख रहे थे। आकांक्षा पटेल के स्पष्टीकरण ने यह साफ कर दिया है कि विभाग अपनी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह पारदर्शी है।








