मुरैना। चंबल संभाग के मुरैना जिले की पोरसा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अजेडा के ग्राम पंडित का पुरा में नाला निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत राज व्यवस्था और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। आरोप है कि दो साल पहले स्वीकृत लाखों की राशि का काम अब जाकर शुरू हुआ है, वह भी बेहद घटिया गुणवत्ता और अवैध सामग्री के साथ।
7 लाख की राशि डकारी: काम से पहले ही खाली हुआ खजाना
ग्राम निवासी दीपक द्वारा जिला कलेक्टर मुरैना को सौंपे गए शिकायती आवेदन में चौंकाने वाले खुलासे करते हुए कहा कि नाला निर्माण के लिए करीब 6 लाख 93 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह राशि दो वर्ष पूर्व ही सरकारी खाते से निकाल ली गई थी, जबकि उस समय मौके पर निर्माण कार्य का एक पत्थर भी नहीं रखा गया था। यह सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और गबन की ओर इशारा करता है।
अवैध चंबल रेत और ‘घटिया’ सामग्री का मेल
निर्माण कार्य अब शुरू तो हुआ है, लेकिन उसकी गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आवेदन में निर्माण की तकनीकी खामियों को उजागर किया गया है:
नाले में घटिया सामग्री का उपयोग
नाले के निर्माण में सीमेंट की मात्रा मानक से काफी कम रखी जा रही है।
अवैध रेत का उपयोग
निर्माण में प्रतिबंधित चंबल नदी की अवैध रेत का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जो न केवल तकनीकी रूप से गलत है बल्कि उच्चतम न्यायालय और एनजीटी के आदेशों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
सरकारी पैसे का दुरुपयोग
निम्न स्तर के निर्माण के कारण स्थानीय लोगों को डर है कि पहली बारिश में ही यह नाला ढह जाएगा और सरकारी पैसा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
कलेक्टर से ‘विशेष तकनीकी जांच’ की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि:
- एक विशेष जिला स्तरीय तकनीकी जांच टीम गठित की जाए।
- निर्माण कार्य के भौतिक सत्यापन के साथ-साथ पिछले दो वर्षों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच हो।
- दोषियों (सरपंच/सचिव/इंजीनियर) के विरुद्ध गबन और भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार की यह परतें तभी खुलेंगी जब निष्पक्ष जांच होगी। अब देखना यह होगा कि मुरैना जिला प्रशासन इस गंभीर भ्रष्टाचार पर क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों से सरकारी राशि की वसूली की जाएगी।








