मुरैना (पोरसा): चंबल अंचल में हथियारों का शौक एक बार फिर एक मासूम की जान पर भारी पड़ गया। पोरसा थाना क्षेत्र के संजय नगर में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। घर में खेल रहे 14 वर्षीय किशोर से अचानक लाइसेंसी राइफल चल गई, जिसकी गोली पास में ही खेल रहे 7 साल के बच्चे के सिर के पार हो गई। मासूम ऋषभ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
रात 10 बजे गूंजी फायरिंग, कमरे में फैला खून
घटना शनिवार रात करीब 10 बजे की है। संजय नगर में धर्मराज सिंह तोमर का परिवार किराए से रहता है। उनका 7 वर्षीय बेटा ऋषभ तोमर, मकान मालिक के बेटों के साथ घर की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में खेल रहा था।
खेलते-खेलते मकान मालिक के 14 वर्षीय बेटे की नजर दीवार पर टंगी अपने पिता की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल पर पड़ी। उसने राइफल उतार ली और बच्चों के साथ उसे चलाने का नाटक करने लगा। इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और लोड राइफल से निकली गोली सीधे ऋषभ के सिर में जा लगी।
प्राइवेट गार्ड की राइफल बनी काल
जानकारी के अनुसार, नाबालिग का पिता एक प्राइवेट गार्ड है और वह अपनी 315 बोर की लाइसेंसी राइफल लेकर शनिवार सुबह ही गांव धरमपुरा गया था, लेकिन राइफल घर पर ही छोड़ गया था। फायरिंग की आवाज सुनकर जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। ऋषभ का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और कमरे में चारों तरफ खून फैला था।
परिजनों का संगीन आरोप: “यह हादसा नहीं, हत्या है”
हादसे के बाद ऋषभ के परिजनों ने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना किसी दूसरी राइफल से हुई है और मकान मालिक असली हथियार लेकर मौके से फरार हो गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरी राइफल पेश की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही पोरसा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी राइफल जब्त कर ली है और नाबालिग के पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
बैलिस्टिक विशेषज्ञों की भी ली जा सकती है मदद
थाना प्रभारी दिनेश कुशवाह ने कहा कि प्राथमिक जांच और चश्मदीद बच्चों के बयानों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह हादसा खेल-खेल में गोली चलने से हुआ है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने हत्या के आरोप लगाए हैं, इसलिए हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। बैलिस्टिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।”
यह घटना एक बार फिर चेतावनी है उन लोगों के लिए जो घरों में हथियारों को असुरक्षित तरीके से रखते हैं। मासूम ऋषभ की मौत ने पूरे संजय नगर इलाके में मातम पसरा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या राइफल वाकई लोड थी और क्या मौके पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद था या नहीं।








