मुरैना (बागचीनी)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में गुरुवार की सुबह 9.40 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। बागचीनी थाना क्षेत्र के सेठबारी इलाके में एक निजी स्कूल की बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार आधा दर्जन से अधिक मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सुबह का वक्त और चीख-पुकार: कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, अल्ट्रॉनियस स्कूल की बस गुरुवार सुबह रोजाना की तरह गलैथा गांव से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। जैसे ही बस बागचीनी चौखट्टा के पास सेठबारी इलाके में पहुँची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बस को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक सनमान ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ट्रक की गति इतनी तेज थी कि ड्राइवर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने निभाया ‘देवदूत’ का फर्ज
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी मिनी बस में फंसे बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस की 112 डायल ने घायल बच्चों और बस ड्राइव को जिला अस्पताल मुरैना लेकर पहुंची तभी इमरजेंसी में बैठे डॉक्टरों ने बस ड्राइवर को मृत घोषित कर दिया वहीं घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मामला दर्ज, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही बागचीनी थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूल बसों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर जिले में संचालित स्कूल बसों की सुरक्षा और उनके चालकों के प्रशिक्षण पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
- क्या बस की रफ्तार नियंत्रित थी?
- क्या उस मोड़ पर कोई सांकेतिक बोर्ड या गति अवरोधक (Speed Breaker) था?
- क्या ट्रक ओवरलोड था या गलत दिशा से आ रहा था?
इन सभी पहलुओं पर पुलिस की टीम जांच कर रही है।
मुरैना का यह हादसा बेहद दुखद है, जिसमें एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया और कई मासूमों के गंभीर चोट आई है। प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन जरूरत है सड़कों पर सख्त निगरानी की ताकि भविष्य में मासूमों को ऐसी लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर न चुकानी पड़े।








