ओंकारेश्वर/खंडवा। खंडवा-महू रेल मार्ग के गेज परिवर्तन का काम अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। रविवार को खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। सांसद ने स्पष्ट किया कि अप्रैल तक स्टेशन बिल्डिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान बड़वाह विधायक सचिन बिरला और मध्य रेल समिति सदस्य मनोज सोनी भी साथ रहे।
तीर्थयात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान सांसद पाटिल ने स्टेशन के ‘भव्य लुक’ और फिनिशिंग पर जोर दिया। चूंकि ओंकारेश्वर एक विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थल है, इसलिए यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है:
विश्राम की व्यवस्था
स्टेशन पर पर्याप्त वेटिंग रूम, रिटायरिंग रूम और यात्रियों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित हॉल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेंटेनेंस सुविधा
सांसद ने पाया कि वर्तमान योजना में ट्रेनों के मेंटेनेंस और पानी भरने की सुविधा की कमी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां ट्रेनों की सफाई और मैकेनिकल सुविधाओं (Secondary Maintenance) का प्रबंध किया जाए।
भविष्य की जरूरतें: स्टेबलिंग और लूप लाइन
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने दूरगामी सोच रखते हुए अधिकारियों को अहम निर्देश दिए:
कोच और रनिंग रूम
देश के अन्य हिस्सों से आने वाली तीर्थ यात्री ट्रेनों को यहां कई घंटों खड़ा रखना पड़ सकता है। इसके लिए अतिरिक्त स्टेबलिंग और लूप लाइनों की आवश्यकता होगी।
स्टाफ की सुविधा
लोको पायलट और गार्ड के विश्राम के लिए आधुनिक रनिंग रूम बनाने के लिए भी कहा गया है।
नर्मदा पुल और घाट सेक्शन पर जोर
सांसद ने केवल स्टेशन ही नहीं, बल्कि पूरे रूट की प्रगति की समीक्षा की बड़वाह के पास नर्मदा नदी पर बन रहे नए रेल पुल के कार्य में तेजी लाने को कहा।
स्टेशन बिल्डिंग के साथ-साथ बलवाड़ा तक की लाइन और चुनौतीपूर्ण घाट सेक्शन के कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में ये रहे शामिल
इस अवसर पर रेल समिति सदस्य मनोज सोनी, प्रवक्ता सुनील जैन, बृजेश यादव, सानू जैन, राहुल वर्मा, रविकांत सोनी, अभिषेक पटेल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्टेशन का नया स्वरूप न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि खंडवा जिले को सीधे देश के अन्य धार्मिक स्थलों से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। अप्रैल की डेडलाइन तय होने से क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह है।








