भोपाल। वर्ष 2025 की विदाई के साथ मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की हरी झंडी के बाद 31 दिसंबर की शाम सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों की पदोन्नति और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विशेष रूप से 2022 बैच के आईएएस अधिकारियों को नए साल का तोहफा देते हुए ‘वरिष्ठ समय वेतनमान’ (Senior Time Scale) में पदोन्नत किया गया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने गहन मंथन के बाद इन नामों पर मुहर लगाई। इस सूची में जहां कई दिग्गज अधिकारियों का कद बढ़ा है, वहीं विवादों में रहे कुछ अफसरों को करारा झटका भी लगा है।
प्रमुख सचिव और सचिव स्तर पर बड़ी नियुक्तियां
25 साल की शानदार सेवा पूरी करने वाले दो अधिकारियों को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) बनाया गया है।
- एम. सेलवेंद्रन: इन्हें प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया है।
- प्रोफार्मा प्रमोशन: एक अधिकारी जो वर्तमान में दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, उन्हें सरकार ने प्रोफार्मा प्रमोशन दिया है।
- दीपक कुमार सक्सेना: सहायक आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना के लिए यह साल बड़ी खुशखबरी लेकर आया है, उन्हें पदोन्नत कर आयुक्त जनसंपर्क (Commissioner Public Relations) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2010 बैच के 17 अफसर बने सचिव
2010 बैच के 20 अधिकारियों में से 17 को सचिव पद पर प्रमोट किया गया है। इस सूची में प्रदेश के कई कद्दावर कलेक्टर और कमिश्नर शामिल हैं:
आशीष सिंह: कमिश्नर, उज्जैन (अब सचिव)
कौशलेंद्र विक्रम सिंह: कलेक्टर, भोपाल (अब सचिव)
अभिजीत अग्रवाल: आबकारी आयुक्त
भास्कर लक्षकार: ट्रेजरी कमिश्नर
तरुण राठी: हेल्थ कमिश्नर
बैच-वार पदोन्नति का विवरण
प्रशासन ने अलग-अलग बैच के अधिकारियों को उनकी सेवा अवधि के आधार पर नए वेतनमान और ग्रेड प्रदान किए हैं:
2013 बैच को प्रवर श्रेणी वेतनमान
2013 बैच के 24 आईएएस अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करते हुए प्रमोट किया गया है। इस सूची में धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर पाढूर्ना नीरज वशिष्ठ, रुही खान, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, सागर कलेक्टर संदीप जीआर, सहित कुल 24 आईएएस अधिकारी शामिल है।
2017 बैच को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2017 बैच के अधिकारियों को 9 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड प्रदान किया गया है। इस सूची में राज्य के 15 आईएएस अधिकारी शामिल है।
1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी पदोन्नति
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये सभी पदोन्नतियां 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। पदोन्नत किए गए अधिकारियों को पे-मेट्रिक्स लेवल-11 (रुपए 67,700 – 2,08,700) का लाभ मिलेगा। इनमें से कई अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर ही पदोन्नत कर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इन 8 SDO (IAS) अधिकारियों को मिली पदोन्नति
प्रशासनिक सेवा के जिन युवा अधिकारियों को प्रमोशन मिला है, उनकी सूची इस प्रकार है:
ऐश्वर्य वर्मा: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), शहपुरा, जिला डिंडोरी। (उसी स्थान पर पदोन्नत)
रवि कुमार सिहाग: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लखनादोन, जिला सिवनी।
आशीष: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सेंधवा, जिला बड़वानी।
कार्तिकेय जायसवाल: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), वारासिवनी, जिला बालाघाट।
विशाल धाकड़: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुक्षी, जिला धार।
सोनाली देव: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिछिया, जिला मंडला। (उसी स्थान पर पदोन्नत)
तनुश्री मीणा : अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पेटलावद, जिला झाबुआ।
अर्पित गुप्ता: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बैहर, जिला बालाघाट।
2025 बैच के अफसर की पदस्थापना
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संतोष वर्मा सहित 3 अफसरों का प्रमोशन अटका
इस बड़ी पदोन्नति सूची में तीन प्रमुख नामों का न होना चर्चा का विषय बना हुआ है:
- संतोष कुमार वर्मा: बेटियों को लेकर दिए गए अपने विवादास्पद बयान के कारण चर्चा में आए संतोष वर्मा का प्रमोशन मुख्यमंत्री मोहन यादव के कड़े रुख के बाद रोक दिया गया है।
- ऋषि गर्ग और तरुण भटनागर: इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के कारण इनके प्रमोशन फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फेरबदल?
नए साल से पहले हुए इस फेरबदल को राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों (जैसे डिंडोरी, मंडला, बड़वानी) में तैनात अधिकारियों को पदोन्नत कर सरकार ने जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले ब्यूरोक्रेट्स का मनोबल बढ़ाया है।








