Narsinghpur IAS Viral Video: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया है। पवित्र नर्मदा तट (बरमान घाट) पर स्वच्छता बनाए रखने के नाम पर एक आईएएस (IAS) अधिकारी द्वारा युवक को थप्पड़ मारने और बुजुर्ग पुजारी को कथित तौर पर धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवहार और जनता के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना शनिवार की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार को सार्वजनिक हुआ। जानकारी के अनुसार, बरमान रेत घाट के पास जनरल स्टोर चलाने वाला एक युवक दुकान के पीछे नर्मदा तट की ओर लघुशंका (पेशाब) करने गया था।
उसी समय जिला पंचायत सीईओ और IAS अधिकारी नागेन्द्र सिंह नागेश वहां निरीक्षण पर थे। युवक को ऐसा करते देख साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि अधिकारी ने आव देखा न ताव और युवक को सरेआम थप्पड़ जड़ दिए। हद तो तब हो गई जब अधिकारी के साथ मौजूद एक पुलिसकर्मी ने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए युवक पर हाथ उठा दिया।
“रेत में गड़वा दूंगा…” पुजारी को धमकी का आरोप
विवाद सिर्फ थप्पड़ तक सीमित नहीं रहा। मौके पर मौजूद बरमान घाट के पुजारी कैलाश चंद्र मिश्रा ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की और क्षेत्र में शौचालयों की कमी का मुद्दा उठाया, तो अधिकारी और भड़क गए।
पुजारी का आरोप है कि आईएएस अधिकारी ने उन्हें अपमानित करते हुए कहा— “तुम्हें रेत में गड़वा दूंगा, जितना ऊपर दिख रहे हो उतना ही अंदर करवा दूंगा।” इस धमकी के बाद पुजारी ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत सौंपकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
धार्मिक संगठनों में उबाल और विरोध
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने इसे आस्था और गरिमा का अपमान बताया। कर्मकांडी ब्राह्मण संघ ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति को बुजुर्गों और पुजारियों के साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार शोभा नहीं देता। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
अधिकारी की सफाई: “नर्मदा की पवित्रता सर्वोपरि”
मामले के तूल पकड़ने पर जिला पंचायत सीईओ नागेन्द्र सिंह नागेश ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि— “मां नर्मदा हम सभी के लिए गौरव और आस्था का केंद्र हैं। जहां माताएं-बहनें मौजूद हों, वहां इस तरह का (गंदगी फैलाना) कृत्य असहनीय है।” उन्होंने अपने व्यवहार को नर्मदा तट की स्वच्छ और पवित्रता बनाए रखने की एक कोशिश बताया।
अनुशासन या अधिकार का दुरुपयोग?
स्वच्छ भारत अभियान और नर्मदा की स्वच्छता एक नेक उद्देश्य है, लेकिन क्या इसके लिए कानून हाथ में लेना या किसी बुजुर्ग पुजारी को धमकाना जायज है? यह सवाल अब नरसिंहपुर की गलियों से लेकर भोपाल के गलियारों तक गूँज रहा है। स्थानीय प्रशासन के लिए अब चुनौती यह है कि वे स्वच्छता के नियमों और नागरिक सम्मान के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं।
आगे क्या?
पुजारी की शिकायत और धार्मिक संगठनों के विरोध के बाद अब सबकी नजरें कलेक्टर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या एक आईएएस अधिकारी पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?








