सिंगरौली जिले में एनटीपीसी विंध्याचल थर्मल पावर प्लांट से बलियरी राखड़ बांध तक राख की घोल (स्लरी) ले जाने वाली पाइपलाइन में शुक्रवार को रेलवे क्रॉसिंग के पास रिसाव हो गया। इस रिसाव के चलते सैकड़ों घन लीटर दूषित पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
कई एकड़ कृषि भूमि फ़ैला दूषित पानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन से तेज दबाव में राख मिश्रित पानी निकलकर खेतों में भरने लगा। कुछ ही समय में कई एकड़ कृषि भूमि इस दूषित पानी से प्रभावित हो गई। किसानों का कहना है कि इससे खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है और मिट्टी व भूजल के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
इस दूषित पानी से स्वास्थ्य और पशुओं पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव
स्थानीय लोगों ने बताया कि राख के घोल में मौजूद रसायन और भारी धातुएं जमीन में समा सकती हैं, जिससे आने वाले समय में पानी के स्रोत भी दूषित हो सकते हैं। इससे मानव स्वास्थ्य और पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों ने प्रशासन से की मांग
घटना की सूचना मिलते ही एनटीपीसी प्रबंधन और प्रशासन को अवगत कराया गया। तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की मरम्मत और रिसाव रोकने का प्रयास कर रही है। प्रभावित क्षेत्र में फैले दूषित पानी को हटाने और मिट्टी की जांच कराने की भी मांग उठ रही है।ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पाइपलाइन की नियमित जांच और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।








