
खंडवा खबर मंडी न्यूज़
पंधाना विधानसभा क्षेत्र के मंडी प्रांगण में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन जनसमूह और उत्साह के अद्भुत संगम के रूप में सामने आया। जिला महामंत्री Dharmendra Bajaj ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री Mohan Yadav के आगमन पर उनका स्वागत पारंपरिक आदिवासी नृत्य, ढोल-ताशों और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। लोक वाद्यों की गूंज और पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की अगुवाई में मुख्यमंत्री को आनंद और उल्लास के साथ मंच तक लाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। आदिवासी नृत्य ने पूरे पंडाल को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। मंच पर विधायक Chhaya More, विधायक Kanchan Mukesh Tanve एवं जिला पंचायत अध्यक्ष Pinky Wankhede की सहभागिता ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने मंच से सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेशभर की लाड़ली बहनों के खातों में लगभग साढ़े 1800 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। यह योजना की 33वीं किस्त रही। उन्होंने कहा कि अब तक 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बहनों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
खंडवा को 600 करोड़ के विकास कार्यों की हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले के लिए लगभग 600 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। सिंगल क्लिक के माध्यम से कई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। उन्होंने कहा कि जिले को अधोसंरचना, सड़क और जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार सीधे लाभ पहुंचाने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा—
“यदि कांग्रेसियों के मन का अंधेरा दूर करना है तो आप सभी अपने मोबाइल की लाइट जलाकर उजाला करें।”
मुख्यमंत्री के इस आह्वान पर मंडी प्रांगण हजारों मोबाइल की रोशनी से जगमगा उठा।
मंचासीन जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने मंच पर विराजमान सांसद Gyaneshwar Patil, कैबिनेट मंत्री Tulsi Silawat, आदिम जाति कल्याण मंत्री Kumar Vijay Shah, जिला अध्यक्ष Rajpal Tomar सहित चारों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों एवं संगठन पदाधिकारियों का नाम लेकर अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों का दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समग्र रूप से पंधाना का यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक परंपरा और 600 करोड़ रुपये के विकास संकल्प का सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा।








