भोपाल। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों (Padma Shri Awards 2026) की घोषणा कर दी है। इस वर्ष मध्य प्रदेश की तीन विभूतियों— कैलाश चंद्र पंत, मोहन नागर और भगवानदास रैकवार— को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से नवाजा जाएगा। यह सम्मान इन हस्तियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए दशकों के संघर्ष और अमूल्य योगदान का प्रतीक है।
1. कैलाश चंद्र पंत: हिंदी और पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश चंद्र पंत को ‘साहित्य और शिक्षा’ (पत्रकारिता) के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए चुना गया है।
पंत पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और ‘जनधर्म’ नामक साप्ताहिक पत्रिका का संपादन कर रहे हैं।
उन्होंने हिंदी भवन न्यास और कृषि भवन को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम मिला।
2. मोहन नागर: धरती को हरा-भरा करने का संकल्प
राजगढ़ जिले के रायपुरिया गांव के निवासी मोहन नागर को ‘पर्यावरण संरक्षण’ के क्षेत्र में पद्मश्री दिया जाएगा।
नागर ने न केवल राजगढ़ बल्कि बैतूल जिले में भी पर्यावरण के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के माध्यम से कई बंजर इलाकों की सूरत बदली है।
वर्तमान में वे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
3. भगवानदास रैकवार: बुंदेली युद्ध कला के रक्षक
सागर के रहने वाले भगवानदास रैकवार को ‘कला/खेल’ के क्षेत्र में पारंपरिक युद्ध कला के संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया है।
रैकवार ने बुंदेलखंड की पारंपरिक मार्शल आर्ट्स (युद्ध कला) को लुप्त होने से बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।
वे पिछले कई दशकों से युवाओं को बुंदेली लाठी और ढाल-तलवार जैसी पारंपरिक कलाओं का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश के इन तीनों नायकों का चयन यह दर्शाता है कि मेहनत और ईमानदारी से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता।








