बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोह मध्य प्रदेश के सिंगरौली में सक्रिय हैं। ताजा मामला एनटीपीसी विंध्यनगर (NTPC Vindhyanagar) में नौकरी दिलाने के नाम पर सामने आया है, जहाँ उत्तर प्रदेश के एक युवक को सरकारी नौकरी का झांसा देकर दो लाख रुपये ठग लिए गए। बेबसी का आलम यह है कि पीड़ित ने अपनी जमीन गिरवी रखकर यह रकम आरोपी को सौंपी थी। अब न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिल रहे हैं, उल्टा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
जमीन गिरवी रखी, पर मिली ‘धोखाधड़ी’
पीड़ित कृष्ण कुमार सिंह, जो उत्तर प्रदेश के निधि गढ़वार के रहने वाले हैं, ने अपनी व्यथा सिंगरौली पुलिस अधीक्षक (SP) के सामने रखी है। आरोपी पी.डी. तिवारी ने खुद को एनटीपीसी विंध्यनगर का रसूखदार व्यक्ति बताकर कृष्ण कुमार को पक्की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और नौकरी के नाम पर आरोपी ने 2 लाख रुपये की मांग की। गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले कृष्ण कुमार ने किसी तरह अपनी जमीन गिरवी रखकर यह बड़ी राशि आरोपी के हवाले कर दी। एक महीना बीतने के बाद जब नौकरी नहीं मिली, तो आरोपी ने 50 हजार रुपये और मांगे। पैसे वापस मांगने पर आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगा।

आरोपी एनटीपीसी का ही कर्मचारी!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एनटीपीसी प्रबंधन ने आरोपी की पहचान की पुष्टि की। एनटीपीसी विंध्यनगर के जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम ने स्वीकार किया कि पी.डी. तिवारी नाम का व्यक्ति कंपनी में कार्यरत है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी को इस निजी लेन-देन की कोई जानकारी नहीं है और मामले की आंतरिक जांच कराई जाएगी।
एसपी की चौखट पर न्याय की गुहार
आरोपी अब पीड़ित का फोन नहीं उठा रहा है और उसे इलाके में न दिखने की चेतावनी दे रहा है। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने मांग की है कि उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS की संबंधित धाराएं) का मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
यह घटना उन तमाम युवाओं के लिए सबक है जो शॉर्टकट से नौकरी पाना चाहते हैं। इन बातों का ध्यान रखें
- एनटीपीसी या किसी भी कंपनी में भर्ती केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट और राष्ट्रीय भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से होती है।
- सरकारी या अर्ध-सरकारी नौकरियों में पैसों का लेन-देन गैरकानूनी है।
- किसी भी कर्मचारी के व्यक्तिगत दावों पर भरोसा कर पैसे न दें।








